Araria murder case: मोबाइल गेम के पैसों के विवाद में गई छात्र की जान, हत्या का आरोप

Araria murder case: अररिया में 10वीं के छात्र विशाल कुमार की हत्या का खुलासा। मोबाइल गेम में पैसों के विवाद को लेकर दोस्तों पर हत्या का आरोप, पुलिस जांच जारी।

 Araria murder case
दोस्ती बनी दुश्मनी- फोटो : freepik

Araria murder case: बिहार के अररिया जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 10वीं कक्षा के छात्र विशाल कुमार की हत्या कर दी गई। 18 मई से लापता छात्र का शव बुधवार सुबह मजलिशपुर पंचायत के कुजरी बेलबाड़ी गांव में बांस की झाड़ी से बरामद हुआ। घटना के बाद इलाके में डर और गुस्से का माहौल है।

पुलिस ने मामले में मृतक के दो दोस्तों को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मोबाइल गेम में पैसे लगाने को लेकर हुए विवाद में इस हत्या को अंजाम दिया गया। मृतक विशाल कुमार उच्च माध्यमिक विद्यालय करोड़ दिघली में 10वीं का छात्र था। उसके पिता श्रीलाल महतो और बड़ा भाई मुंबई में मजदूरी करते हैं। बेटे की मौत के बाद मां ममता देवी और बहन पूजा कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है।

विशाल अचानक घर से लापता हो गया था

परिजनों के अनुसार, 18 मई को स्कूल से लौटने के बाद विशाल अचानक घर से लापता हो गया था। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला, तब परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मृतक की मां ममता देवी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि इसी दौरान परिवार के पास फोन आया था और दो लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। परिवार को पहले बेटे के अपहरण की आशंका थी, लेकिन दो दिन बाद उसका शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

अररिया के पुलिस अधीक्षक का बयान

अररिया के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर दो दोस्तों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पता चला कि विशाल और उसके दोस्त ऑनलाइन मोबाइल गेम खेलते थे, जिसमें पैसे लगाए जाते थे। इसी पैसों के विवाद में हत्या की घटना हुई। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया दाबिया भी बरामद कर लिया है। घटना की जानकारी मिलते ही पलासी थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए।

पूरे मामले की जांच कर रही पुलिस

पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। एसपी जितेंद्र कुमार ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को मोबाइल देने के बाद उनकी गतिविधियों पर नजर रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गेम और डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती लत कई बार गंभीर अपराध और घटनाओं की वजह बन रही है।