Railway News : रेलवे के लिए 'कुबेर का खजाना' बना आरा जंक्शन, चालू वित्तीय वर्ष में की रिकॉर्ड तोड़ कमाई, यात्रियों को सुविधाओं के नाम पर मिला 'ठेंगा'
Railway News : आरा जंक्शन रेलवे के लिए कुबेर का खजाना बना है. चालु वित्तीय वर्ष में यहाँ रिकॉर्ड तोड़ कमाई हुई है. लेकिन यात्री सुविधाओं का अभाव देखा जा रहा है.....पढ़िए आगे
ARA : आरा जंक्शन ने कमाई के मामलों में बड़े-बड़ों जंक्शनों को पीछे छोड़ दिया है। यात्रियों की भारी भीड़ के बीच आरा जंक्शन रेलवे के लिए किसी राजस्व एक्सप्रेस से कम साबित नहीं हो रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में टिकट बिक्री से आरा जंक्शन ने रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है और राजस्व के मामले में टॉप स्टेशनों की सूची में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।
वहीं यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ आरा जंक्शन रेलवे के लिए बड़ा राजस्व केंद्र बनकर उभरा है। हाजीपुर रेलवे जोन द्वारा जारी टॉप स्टेशनों की सूची में आरा जंक्शन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्व के मामले में आठवां स्थान हासिल किया है। चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से दिसंबर तक आरा जंक्शन से रेलवे को 115 करोड़ 90 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है।
वहीं आंकड़ों के अनुसार आरा जंक्शन से यूटीएस के माध्यम से 33 करोड़ 34 लाख रुपये और पीआरएस के जरिए 81 करोड़ 55 लाख रुपये की कमाई हुई है। इसी अवधि में करीब 12 करोड़ 76 लाख से अधिक यात्रियों ने यहां से यात्रा की है। खास बात यह है कि राजस्व के मामले में आरा जंक्शन ने पाटलिपुत्र स्टेशन को भी पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, इतनी बड़ी कमाई के बावजूद यात्री सुविधाओं के मामले में आरा जंक्शन की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। न पर्याप्त प्रतीक्षालय हैं और न ही साफ-सुथरे शौचालय।
वहीं प्लेटफार्म की ऊंचाई कम होने से हादसों का खतरा भी बना रहता है। राहत की बात यह है कि आरा जंक्शन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया गया है, जिससे भविष्य में यात्री सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में स्थानीय अभिषेक द्विवेदी ने कहा कि राजस्व तक तो ठीक है लेकिन स्टेशन पर कोई सुविधा नहीं है। पीने का पानी की सुविधा नहीं है, स्वचालित सीढ़ी ज्यादातर बंद रहती है, यहां लेकिन जीआरपी की मदद से बाइक में चैन सिक्कड़ लगाया जाता है और जाम लगाया जाता है, जब डीआरएम आयेंगे तो सब साफ हो जाता है।
आशीष की रिपोर्ट