पवन सिंह-ज्योति सिंह विवाद: न जज आए न 'पावर स्टार', फिर टली सुनवाई; वकील बोले- साथ नहीं रहना तो दें 10 करोड़ और मकान

पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के तलाक मामले में आज की सुनवाई एक बार फिर बिना किसी नतीजे के टल गई। फैमिली कोर्ट के जज की अनुपस्थिति और पवन सिंह के शारीरिक रूप से पेश न होने के कारण अब 25 मार्च की तारीख तय की गई है।

पवन सिंह-ज्योति सिंह विवाद: न जज आए न 'पावर स्टार', फिर टली

Arrah - : : भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच चल रहे तलाक के मामले में आज आरा के कुटुंब न्यायालय में होने वाली अहम सुनवाई टल गई है। ज्योति सिंह के वकील विष्णुधर पांडेय के मुताबिक, जज की अनुपस्थिति और दोनों पक्षकारों के न पहुँचने के कारण अब 25 मार्च को सुलह की आखिरी कोशिश की जाएगी।

जज और सेलिब्रिटी कपल दोनों रहे नदारद

ज्योति सिंह के वकील विष्णुधर पांडेय ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि आज की सुनवाई टलने के पीछे तकनीकी और व्यक्तिगत दोनों कारण रहे। उन्होंने कहा, "आज फैमिली कोर्ट के जज साहब उपस्थित नहीं थे। इसके साथ ही पवन सिंह और ज्योति सिंह भी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट नहीं पहुँचे।" इसी कारण कोर्ट ने बिना किसी कार्यवाही के मामले को अगली तारीख के लिए टाल दिया।

बीमार बताए जा रहे पवन सिंह, अस्पताल से दी हाजिरी

वकील ने बताया कि पवन सिंह के पक्ष की ओर से कोर्ट को सूचित किया गया कि उनकी तबीयत खराब है और ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण वे अस्पताल में भर्ती हैं। वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें अस्पताल के बेड पर दिखाया गया, हालांकि ज्योति के वकील ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बार-बार बीमारी का हवाला देकर सुनवाई को लंबा खींचा जा रहा है।

10 करोड़ रुपये और मकान की बड़ी मांग

विष्णुधर पांडेय ने पवन सिंह के सामने समझौते की कड़ी शर्त रखते हुए कहा कि अगर पवन सिंह ज्योति के साथ रहने को तैयार नहीं हैं, तो उन्हें मुआवजे के तौर पर 10 करोड़ रुपये और एक आलीशान मकान देना होगा। इसके साथ ही, जब तक अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक पवन सिंह को ज्योति के भरण-पोषण का मासिक खर्च भी वहन करना होगा।

ज्योति सिंह का दर्द: "सिर्फ तारीख मिलती है, इंसाफ नहीं"

वकील ने पुरानी सुनवाई का हवाला देते हुए बताया कि ज्योति सिंह तारीखों के इस चक्र से बुरी तरह टूट चुकी हैं। पिछली सुनवाई में उन्होंने रोते हुए जज से कहा था, "एक महिला होकर मैं हर बार कोर्ट आती हूँ, लेकिन मुझे सिर्फ अगली तारीख मिलती है। 7 साल से मैं मानसिक पीड़ा और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही हूँ।" ज्योति ने कोर्ट से केवल इंसाफ की गुहार लगाई है।

25 मार्च को आमने-सामने बिठाकर होगी सुलह

अब कोर्ट ने 25 मार्च की नई तारीख मुकर्रर की है। वकील के मुताबिक, उस दिन दोनों का आमना-सामना कराया जाएगा और सुलह की प्रक्रिया (Conciliation) पूरी की जाएगी। अगर सुलह विफल रहती है, तो मामला ट्रायल पर जाएगा और कोर्ट तय करेगा कि भरण-पोषण और तलाक की शर्तों पर क्या आदेश देना है।