Banka Kanwar Yatra:कांवरिया पथ पर बिछड़ों को मिला मुस्कान लौटाते ख़ाकी वाले,बांका प्रशासन की सराहनीय पहल
सुल्तानगंज से देवघर की यात्रा में बांका जिले के 54 किमी पथ पर 15 सहायता केंद्र 24×7 काम कर रहे हैं। परिजनों से बिछड़े लोगों को मिलाने और खोया सामान दिलाने में जुटी पुलिस व प्रशासन।
सुल्तानगंज से देवघर की पावन यात्रा "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष से गूंज रहा है। ढोल-नगाड़ों और डीजे पर बज रहे शिव भजनों की धुन पर श्रद्धालु नाचते-गाते बाबा धाम के लिए प्रस्थान कर रहे है। इस भक्तिमय यात्रा के दौरान कांवरिया श्रद्धालु बांका जिले की सीमा में लगभग 54 किलोमीटर का सफर तय करते हैं। श्रावणी मेला में पूरे मार्ग पर भक्तिमय माहौल बना हुआ है और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिख रह है। शिव भक्ति खातिर उमड़ने वाली भारी भीड़ और लंबी पैदल यात्रा के कारण अक्सर श्रद्धालु अपने परिजनों से बिछड़ जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए बांका के जिला अधिकारी के निर्देश पर पूरे कांवरिया पथ पर 15 अत्याधुनिक सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ तैनात प्रचारक चौबीसों घंटे (24×7) मुस्तैदी से काम कर रहे हैं।
बिछड़े लोगों को मिलाने के साथ गुम हुए सामान की भी खोज
ये सूचना केंद्र न केवल परिजनों से बिछड़े हुए श्रद्धालुओं को वापस मिलाने का कार्य कर रहे हैं, बल्कि यात्रा के दौरान खोए हुए सामान की रिकवरी में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। यदि किसी कांवरिया का बैग या सामान गुम हो जाता है, तो सूचना केंद्रों के उद्घोषक जिला नियंत्रण कक्ष, प्रतिनियुक्त अधिकारियों और पुलिस बल के साथ समन्वय बनाकर गुम हुए सामान को ढूँढकर उसके असली मालिक तक पहुँचाने का हरसंभव प्रयास करते हैं।

विभिन्न केंद्रों के माध्यम से कई श्रद्धालुओं का हुआ अपने परिवार से मिलन
हाल ही में सूचना केंद्रों की त्वरित कार्रवाई से कई बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके अपनों से मिलाया गया। सुईयां केंद्र की मदद से बेगूसराय की सुशीला देवी, शिवलोक केंद्र से दानापुर की शांति देवी और भैरवपूर्ण केंद्र से झारखंड के विनय कुमार अपने परिवार से मिले। इसके अलावा जिलेबिया मोड़ केंद्र ने झारखंड के जितेंद्र तुड़ी व कटिहार की खुशी कुमारी को और टंकेश्वर केंद्र ने पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर निवासी अशोक राजभर को उनकी माँ सरस्वती राजभर से मिलाने में सफलता पाई।

अपनों से मिलकर श्रद्धालुओं के चेहरे पर लौटी मुस्कान, जताया आभार
घंटों की अनिश्चितता और परेशानी के बाद जब बिछड़े श्रद्धालु सुरक्षित अपने परिजनों से मिले, तो उनके चेहरे पर संतोष और खुशी की लहर दौड़ गई। अपनों को सामने पाकर भावुक हुए कांवरियों ने बांका जिला प्रशासन की इस संवेदनशील, मानवीय और सराहनीय पहल की दिल से प्रशंसा की। श्रद्धालुओं ने सूचना केंद्रों पर तैनात कर्मियों और पुलिस बल का आभार व्यक्त करते हुए उनके सेवा भाव की सराहना की।

24 घंटे सक्रिय रहकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तत्पर प्रशासन
बांका जिला प्रशासन की ओर से कांवरिया श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सहायता के लिए पूरे मेला क्षेत्र में अभेद्य व्यवस्था की गई है। सभी 15 सूचना केंद्रों के माध्यम से दिन-रात लाउडस्पीकर से घोषणाएं की जा रही हैं और आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की हर छोटी-बड़ी समस्या का त्वरित समाधान किया जा रहा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देवघर जाने वाले हर भक्त की यात्रा सुखद और बाधारहित रहे।

जिला प्रशासन की विशेष अपील: सतर्कता बरतें और सहायता लें
जिला प्रशासन, बांका ने सभी कांवरियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान भीड़भाड़ वाली जगहों पर सतर्क रहें और विशेषकर बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों का हाथ थामे रखें। अपने पास मौजूद सामान और आवश्यक दस्तावेजों को सुरक्षित रखें तथा किसी अनजान व्यक्ति को न सौंपें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि यदि कोई बिछड़ता है या सामान छूटता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है; तुरंत निकटतम सूचना केंद्र या नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर 24×7 उपलब्ध सहायता प्राप्त करें।
प्रवीण पुष्कर की रिपोर्ट