Bihar News: सदर अस्पताल में दो जच्चा-बच्चा की मौत, जांच के घेरे में व्यवस्था

Bihar News: सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाओं और दो नवजातों की मौत से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

Bihar News: सदर अस्पताल में दो जच्चा-बच्चा की मौत, जांच के घ
सदर अस्पताल में दो जच्चा-बच्चा की मौत- फोटो : reporter

Bihar News: बांका सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान अलग-अलग घटनाओं में दो महिलाओं और दो नवजातों की मौत से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। एक मामले में नवजात की मौत के बाद गंभीर हालत में महिला को भागलपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसने भी दम तोड़ दिया। वहीं दूसरे मामले में प्रसव के दौरान ही मां और नवजात की मौत हो गई। लगातार हुई इन दो घटनाओं के बाद परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने दोनों घटनाओं की अलग-अलग जांच के लिए टीमें गठित करने की बात कही है। उन्होंने घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पहली घटना अमरपुर क्षेत्र के मनियारपुर वार्ड नंबर-4 की बताई जा रही है। यहां के शालिग्राम दास की 21 वर्षीय पत्नी संजनी कुमारी को प्रसव पीड़ा के बाद छह सितंबर की शाम करीब सात बजे बांका सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया।परिजनों के अनुसार, संजनी में खून की कमी बताई गई थी। ऑपरेशन के कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई। इसके बाद महिला की तबीयत भी बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया, लेकिन भागलपुर ले जाने के दौरान रास्ते में ही संजनी की मौत हो गई। बताया गया है कि मृतका का पति शालिग्राम दास दिव्यांग है। पत्नी और नवजात की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

दूसरी घटना बेलहर थाना क्षेत्र के खिलार गांव की है। यहां की 26 वर्षीय सरिता कुमारी प्रसव के लिए सदर अस्पताल पहुंची थीं। उनकी शादी जमुई जिले के लक्ष्मीपुर निवासी शिवलाल सोरेन से हुई थी। बताया गया कि प्रसव के दौरान सरिता कुमारी और नवजात दोनों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

दोनों घटनाओं ने अस्पताल में प्रसव और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और इलाज के दौरान किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित दोनों जांच टीमें अब घटनाओं की परिस्थितियों, इलाज की प्रक्रिया और चिकित्सकीय प्रबंधन की पड़ताल करेंगी। परिजनों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और यदि किसी स्तर पर चूक सामने आती है तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

चंद्रशेखर कुमार भगत कि रिपोर्ट