देवघर एम्स में ऑपरेशन के तीन दिन बाद बांका की मेधावी छात्रा की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
बांका जिले के कटोरिया नगर पंचायत की 23 वर्षीय प्रतिभाशाली छात्रा रिया राज की देवघर एम्स (AIIMS Deoghar) में इलाज के दौरान हुई असामयिक मौत हो गई। इधर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज मे कोताही का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.....
Banka : जिले के कटोरिया नगर पंचायत की 23 वर्षीय प्रतिभाशाली छात्रा रिया राज की देवघर एम्स (AIIMS Deoghar) में इलाज के दौरान हुई असामयिक मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। रिया राज कटोरिया निवासी ठाकुर कुंदन सिंह और रीता सिंह की इकलौती पुत्री थीं। उन्होंने हाल ही में बीकॉम की पढ़ाई पूरी की थी और बैंकिंग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हुई थीं। होनहार बेटी की अचानक हुई मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर का हुआ था ऑपरेशन, परिजनों का आरोप- अस्पताल में नहीं थीं जरूरी दवाइयां
परिजनों के अनुसार, रिया को पिछले कुछ दिनों से चलने-फिरने के दौरान पैरों में लड़खड़ाहट की समस्या हो रही थी। बेहतर इलाज के लिए 20 जुलाई को उसे देवघर एम्स ले जाया गया, जहां चिकित्सीय जांच के बाद डॉक्टरों ने रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर (Spinal Cord Tumor) होने की बात कही और तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी। परिजनों की सहमति के बाद 23 जुलाई को उसका ऑपरेशन किया गया। हालांकि, पीड़ित परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के समय अस्पताल में कई आवश्यक दवाइयां तक उपलब्ध नहीं थीं, जिन्हें आनन-फानन में बाहर की दुकानों से खरीदकर लाना पड़ा।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी स्थिति, किडनी और लीवर फेल होने की दी गई जानकारी
मृतका के परिवार वालों का दावा है कि शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन) के बाद रिया की शारीरिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और उसे पेशाब आना बंद हो गया। परिजनों का आरोप है कि इस संबंध में बार-बार सूचित किए जाने के बावजूद ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने काफी देर बाद मरीज की सुध ली। बाद में डॉक्टरों द्वारा परिजनों को सूचित किया गया कि रिया की किडनी और लीवर ने काम करना बंद कर दिया है। हालांकि, परिजनों द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
वेंटिलेटर पर तोड़ा दम, देर रात शव पहुंचते ही कटोरिया में छाया मातम
तबीयत लगातार बिगड़ने पर रिया को आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद 25 जुलाई की शाम चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शनिवार की देर रात जब एंबुलेंस के जरिए रिया का पार्थिव शरीर कटोरिया स्थित उसके पैतृक आवास पहुंचा, तो अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और ग्रामीण एकत्र हो गए। नगर पंचायत चेयरमैन सपना शिवानी सहित कई जन प्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और इस दुखद घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया।
अस्पताल प्रशासन की चुप्पी, पीड़ित परिवार ने की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग
इस दुखद घटना के बाद पीड़ित परिवार ने देवघर एम्स के डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों ने मामले की पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने तथा दोषी पाए जाने वाले चिकित्सीय कर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, परिजनों द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर देवघर एम्स प्रशासन की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल यह मामला पूरे बांका और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।