Bihar News : बगहा के चर्चित 12 वर्षीय दुर्गा हत्याकांड में कोर्ट का कड़ा फैसला, दोषी ज्ञांति देवी को दी उम्रकैद सजा, 1.10 लाख रुपये का लगाया जुर्माना

Bihar News : पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में 12 वर्षीय दुर्गा हत्याकांड में आरोपी ज्ञान्ती देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है. वहीँ कोर्ट ने एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है......पढ़िए आगे

Bihar News : बगहा के चर्चित 12 वर्षीय दुर्गा हत्याकांड में क
आजीवन कारावास की सजा - फोटो : ASHISH

BETTIAH : पश्चिम चंपारण के बगहा पुलिस जिले के गोबरहिया थाना क्षेत्र में हुए 12 वर्षीय किशोरी के सनसनीखेज अपहरण और हत्या मामले में स्थानीय अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद मुख्य आरोपी ज्ञांति देवी को आजीवन कारावास (उम्रकैद) और कुल 1 लाख 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

न्यायालय द्वारा इस सनसनीखेज मामले में दो अलग-अलग धाराओं के तहत सजा तय की गई है, जिसके तहत अपहरण के मामले में 7 साल की जेल और 10,000 रुपये का जुर्माना, तथा हत्या के मामले में उम्रकैद और 1,00,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अदालत के स्पष्ट निर्देशानुसार ये दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी, और जुर्माना राशि का भुगतान न करने पर दोषी को क्रमशः 3 और 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। लोक अभियोजक जितेंद्र भारती के अनुसार यह पूरा मामला सत्रवाद संख्या 179/2026 से संबंधित है।

यह पूरी घटना 4 नवंबर 2025 की है, जिसके संबंध में मृतका के पिता शंकर मांझी ने 7 नवंबर 2025 को गोबरहिया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, उनकी लगभग 12 वर्षीय बेटी को अनिल कुमार उर्फ ओरल नामक युवक घटना से करीब 3 महीने पहले शादी की नीयत से बहला-फुसलाकर ले गया था, और बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद लड़की को वापस नहीं किया गया।

4 नवंबर की शाम जब गांव के चौकीदार ने परिजनों को किशोरी की मौत की सूचना दी, तब माता-पिता भुअरहवा टोला पूर्वी ढोकनी स्थित अभियुक्त के घर पहुँचे जहाँ उनकी बेटी का शव जमीन पर पड़ा मिला था। इसके बाद पिता ने स्वामीनाथ मांझी, उनके बेटे अनिल कुमार और पत्नी ज्ञांति देवी पर गहरी साजिश रचकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया था, जिसकी विधिवत कानूनी जांच शुरू हुई।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने डॉक्टर संजय कुमार गुप्ता और जांच अधिकारी दुर्गेश कुमार समेत कुल 7 पुख्ता गवाहों के बयान दर्ज कराए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट तथा पेनड्राइव में घटनास्थल के वीडियो फुटेज जैसे अहम डिजिटल साक्ष्य पेश किए। हालाँकि बचाव पक्ष कोई भी ठोस साक्ष्य या गवाही पेश नहीं कर सका, जिसके आधार पर अदालत ने ज्ञांति देवी को दोषी करार देते हुए यह कड़ा दंड दिया है।

आशीष की रिपोर्ट