Bihar News : VTR में शिकारियों का खूनी खेल ! आयरन ट्रैप लगाकर भालू को उतारा मौत के घाट, अंगों की तस्करी करते दो गिरफ्तार

Bihar News : वीटीआर में आयरन ट्रैप लगाकर शिकारियों ने भालू का शिकार कर लिया. जिसके बाद कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया....पढ़िए आगे

Bihar News : VTR में शिकारियों का खूनी खेल ! आयरन ट्रैप लगाक
भालू का शिकार - फोटो : SOCIAL MEDIA

BAGAHA : बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व (VTR) से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। वन्य जीव तस्करों ने वीटीआर के लौकरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बरवाकला हरनाटांड इलाके में लोहे का फंदा (आयरण ट्रैप) लगाकर एक भालू का शिकार कर लिया। तस्करों ने न केवल बेजुबान जानवर को फंसाया, बल्कि उसकी बेरहमी से हत्या कर उसके अंगों को निकालने की तैयारी में थे। इस वारदात ने वन्य जीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना की भनक लगते ही एसएसबी (SSB) और वन विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी शुरू की। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने सीमा सड़क के पास से दो शातिर तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार तस्करों की पहचान रामेश्वर काज़ी और चंदन कुमार के रूप में हुई है। पकड़े गए आरोपियों के पास से भालू के अवशेष और तस्करी के उपकरण बरामद किए गए हैं, जिससे वन क्षेत्र में सक्रिय एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

पूछताछ में यह बात सामने आई है कि तस्करों की योजना भालू के अंगों को रामनगर से सटे नेपाल सीमा के पार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचने की थी। वन्य जीव अंगों की तस्करी के लिए नेपाल का सीमावर्ती इलाका हमेशा से संवेदनशील रहा है। आशंका जताई जा रही है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी लंबे समय से वन्य जीव तस्करी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे और वे पेशेवर शिकारी के रूप में काम कर रहे थे।

वन अधिकारी गोबर्धना बृजलाल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वन्य जीवों का शिकार एक अक्षम्य अपराध है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ऑफ द कैमरा जानकारी दी कि विभाग इस मामले में बेहद गंभीर है और गिरफ्तार तस्करों के साथियों की तलाश में सघन छापेमारी की जा रही है। वन विभाग यह भी जांच कर रहा है कि जंगल के सुरक्षा घेरे में चूक कहाँ हुई, जिससे तस्करों ने लोहे का जाल बिछाने में सफलता पाई।

वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व में हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है। स्थानीय लोगों और वन प्रेमियों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। प्रशासन ने दावा किया है कि इस गिरोह के तार कहाँ तक जुड़े हैं, इसका जल्द ही खुलासा किया जाएगा। फिलहाल, वन विभाग और सुरक्षा एजेंसियां बॉर्डर पर गश्त बढ़ा चुकी हैं ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। 

आशीष की रिपोर्ट