Saran Teachers MLC Election: सारण शिक्षक MLC चुनाव में संग्राम तेज, रमेंद्र राय की हुंकार- शिक्षकों के लिए लड़ूंगा, जिऊंगा और मरूंगा

Saran Teachers MLC Election: सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनावी जंग अब अपने चरम पर पहुंचती नजर आ रही है। ...

Saran Teachers MLC Poll
सारण शिक्षक MLC चुनाव में संग्राम तेज,- फोटो : reporter

Saran Teachers MLC Election: सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनावी जंग अब अपने चरम पर पहुंचती नजर आ रही है। एनडीए समर्थित प्रत्याशी आनंद पुष्कर, निर्दलीय उम्मीदवार रमेंद्र राय और वर्तमान एमएलसी मोहम्मद अफाक के बीच मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। वोटरों को अपने पाले में करने के लिए प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसी बीच निर्दलीय प्रत्याशी रमेंद्र राय ने बेतिया के एक निजी होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिक्षकों के हक, हुकूक और सातवें वेतन आयोग को लेकर बड़ा ऐलान किया। उनके बयान ने चुनावी माहौल में नई गर्माहट पैदा कर दी है।

‘शिक्षकों के दुख-दर्द को शिक्षक ही समझ सकता है’, रमेंद्र राय की दोटूक

प्रेस कॉन्फ्रेंस में रमेंद्र राय ने कहा कि शिक्षक की तकलीफ, उसकी परेशानी और उसके अधिकारों की लड़ाई कोई शिक्षक ही बेहतर ढंग से समझ सकता है। उन्होंने कहा, “इत्तेफाक से मैं खुद शिक्षक हूं और आरएसएस संगठन से ताल्लुक रखता हूं। मैं शिक्षकों के दुख-दर्द को भली-भांति समझता हूं। उनके हक और इंसाफ की लड़ाई पहले भी लड़ता रहा हूं और आगे भी लड़ता रहूंगा।”उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान कराने और उनकी आवाज को मजबूती से उठाने के मकसद से ही वह चुनावी मैदान में उतरे हैं। रमेंद्र राय ने मतदाताओं से अपने पक्ष में समर्थन की अपील करते हुए कहा कि शिक्षकों का आशीर्वाद मिला तो वह उनके हितों के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करेंगे।

सातवें वेतन आयोग पर बड़ा दांव, बोले- ‘दिलवाकर ही दम लूंगा’

रमेंद्र राय ने चुनावी वादों के बीच सातवें वेतन आयोग का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जीत मिलने पर शिक्षकों के लिए सातवें वेतन आयोग की मांग को लेकर निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षकों के अधिकारों के लिए संघर्ष करना उनकी प्राथमिकता होगी।उन्होंने अपने अंदाज में कहा, “मैं शिक्षकों के लिए लड़ूंगा, जिऊंगा और उन्हीं के लिए मरूंगा।” उनके इस बयान को शिक्षकों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

NDA और जन सुराज के मुकाबले खुद को बता रहे शिक्षक हितैषी

रमेंद्र राय ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की राजनीतिक पृष्ठभूमि से शिक्षक अच्छी तरह परिचित हैं। उनके मुताबिक, कुछ उम्मीदवार पहले दूसरे दलों से जुड़े थे और अब एनडीए गठबंधन के साथ चुनाव मैदान में हैं।वहीं, जन सुराज के प्रत्याशी मोहम्मद अफाक के चुनावी अभियान में प्रशांत किशोर के नाम और एनडीए समर्थित आनंद पुष्कर के प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का सहारा लिए जाने की चर्चा है। इसके मुकाबले रमेंद्र राय शिक्षकों के मुद्दों और अपने संगठनात्मक जुड़ाव को चुनावी ताकत बनाने में जुटे हैं।

किसके सिर सजेगा जीत का ताज?

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के इस चुनाव में अब सबकी निगाहें शिक्षक मतदाताओं के रुख पर टिकी हैं। एक ओर गठबंधन की राजनीतिक ताकत है, दूसरी ओर जन सुराज की चुनावी रणनीति और निर्दलीय प्रत्याशी रमेंद्र राय का शिक्षक हितों को लेकर संघर्ष का दावा। ऐसे में फैसला मतदाताओं के हाथ में है कि वे किस उम्मीदवार को अपना समर्थन देकर विधान परिषद तक पहुंचाते हैं।

रिपोर्ट- आशीष कुमार