भागलपुर के बनमोत्तर बांध पर मंडराया बाढ़ का खतरा, जिला परिषद अध्यक्ष ने स्थल पर पहुंचकर लिया जायजा
Bhagalpur : जिले के गोपालपुर प्रखंड स्थित बनमोत्तर बांध पर अचानक ओवरटॉपिंग और सीपेज की सूचना मिलने से हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद अध्यक्ष बिपिन कुमार मंडल तत्काल मौके पर पहुंचे और बांध का गहन निरीक्षण किया। बाढ़ के खतरे को भांपते हुए उन्होंने जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने तथा किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए तैयार रहने के कड़े निर्देश दिए।
आपदा एडीएम और एसडीओ से फोन पर वार्ता, जीटी फिल्टर कार्य तेज करने के निर्देश
स्थल निरीक्षण के दौरान जिला परिषद अध्यक्ष ने मौके से ही आपदा एडीएम और एसडीओ से फोन पर बात कर हालात की पूरी जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को बांध की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे बचाव कार्यों में तेजी लाने को कहा। साथ ही जीटी फिल्टर समेत तमाम आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों को युद्धस्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया ताकि बांध को क्षति पहुंचने से समय रहते बचाया जा सके।
जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, लगातार निगरानी के निर्देश
बिपिन कुमार मंडल ने कहा कि बनमोत्तर बांध की मजबूती और सुरक्षा से आसपास की विशाल आबादी का जीवन जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस स्थिति में किसी भी स्तर पर थोड़ी सी भी लापरवाही भारी तबाही ला सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बांध के संवेदनशील हिस्सों पर 24 घंटे कड़ी निगरानी रखी जाए और जहां कहीं भी रिसाव या कटाव की स्थिति दिखे, वहां तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया जाए।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल, प्रशासन अलर्ट मोड पर
बांध में रिसाव और पानी के लगातार बढ़ते दबाव को देखकर आसपास के गांवों में भारी चिंता और दहशत का माहौल व्याप्त है। प्रशासन और संबंधित तकनीकी विभाग की टीमों को स्थिति पर सतर्क नजर बनाए रखने और संभावित बाढ़ के खतरे को टालने के लिए हरसंभव एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है। जिला परिषद अध्यक्ष ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा सरकार और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
स्थल निरीक्षण के दौरान समाजसेवी पंकज सिंह, भाजपा नेता नितेंद्र सिंह उर्फ गुलाबी सिंह, स्थानीय ग्रामीण बुलबुल सिंह और पप्पू कूवर समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने बांध की नाजुक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और बचाव कार्यों को और अधिक रफ्तार देने की आवश्यकता जताई, ताकि क्षेत्रवासियों को संभावित जलप्रलय से सुरक्षित रखा जा सके।
बालमुकुंद की रिपोर्ट