Bihar Aviation News: मिथिला को मिलने जा रही नई उड़ान, दरभंगा एयरपोर्ट को इंटरनेशनल हब बनाने की रफ़्तार तेज, नाइट लैंडिंग से लेकर 912 करोड़ का बनेगा टर्मिनल
Bihar Aviation News: बिहार की सियासत और विकास की बहस के दरमियान दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के तौर पर विकसित करने की मुहिम ने नई रफ़्तार पकड़ ली है। ...
Bihar Aviation News: बिहार की सियासत और विकास की बहस के दरमियान दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के तौर पर विकसित करने की मुहिम ने नई रफ़्तार पकड़ ली है। इसी सिलसिले में दरभंगा के सांसद एवं एयरपोर्ट सलाहकार समिति के अध्यक्ष डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू से मुलाकात कर एयरपोर्ट के विस्तार, नाइट लैंडिंग और आधुनिक सुविधाओं से जुड़े कई अहम मसलों पर विस्तार से बातचीत की। इस मुलाकात को मिथिला के विकास के लिहाज़ से अहम सियासी और प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि वह जल्द ही दरभंगा का दौरा करेंगे और 912 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नए टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे। सरकार की कोशिश है कि परियोजना तय समयसीमा में मुकम्मल हो और इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों कराया जाए।
सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने बताया कि दरभंगा एयरपोर्ट पर कैट-2 (CAT-II) के तहत आईएलएस (ILS) सिस्टम, एप्रोच लाइटिंग और अन्य तकनीकी कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। ऐसे में नाइट लैंडिंग सेवा जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इससे रात में भी विमानों का संचालन संभव होगा, उड़ानों की संख्या बढ़ेगी और यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
बैठक में दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने, सीआईएसएफ के स्थायी प्रशासनिक भवन, आवास, अस्पताल और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण पर भी ज़ोर दिया गया। सांसद ने देश के प्रमुख महानगरों और धार्मिक स्थलों के लिए नई उड़ानें शुरू करने, मखाना, लीची और आम जैसे मिथिला के उत्पादों के निर्यात के लिए कार्गो क्षमता बढ़ाने तथा एयरपोर्ट का नाम महाकवि विद्यापति के नाम पर रखने का भी प्रस्ताव रखा। सियासी गलियारों में इस पहल को उत्तर बिहार और मिथिला के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि नया टर्मिनल, नाइट लैंडिंग और अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं का विस्तार न सिर्फ पर्यटन और कारोबार को नई उड़ान देगा, बल्कि निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय विकास के नए दरवाज़े भी खोलेगा।