Bihar News : बिहार में 'हेल्थ सिस्टम' की ऐसी तैसी, व्हील चेयर नहीं मिला तो वार्ड के अंदर स्कूटी लेकर घुसा पोता, बीमार दादी को बैठाकर ले गया बाहर
Bihar News : बिहार के सरकारी अस्पतालों में आये दिन नए कारनामे देखने को मिलते हैं. ऐसा ही मामला के सरकारी अस्पताल में देखने को मिला है. जहाँ एक युवक स्कूटी लेकर वार्ड में घुस गया.....पढ़िए आगे
GAYA : बिहार के स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली और अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता को उजागर करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला गया जिले के सबसे बड़े अस्पताल, अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज (ANMMCH) का है, जहाँ एक युवक को अपनी बीमार दादी को वार्ड के अंदर से स्कूटी पर बैठाकर बाहर ले जाते देखा गया। यह घटना न केवल अस्पताल में संसाधनों की कमी को दर्शाती है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
पीड़ित युवक रितिक रोशन ने बताया कि उसने अपनी 67 वर्षीय दादी प्यारी देवी को सांस लेने में तकलीफ और हफनी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया था। रितिक का आरोप है कि अस्पताल के वार्डों में न तो साफ-सफाई की उचित व्यवस्था थी और न ही मरीजों की ढंग से देख-रेख की जा रही थी। बदहाली से तंग आकर जब उसने अपनी दादी को दूसरे अस्पताल ले जाने का फैसला किया और स्ट्रेचर या व्हीलचेयर की मांग की, तो अस्पताल कर्मियों ने संसाधनों की अनुपलब्धता की बात कहकर उसे टरका दिया।
मजबूरी और हताशा में रितिक अपनी स्कूटी सीधे अस्पताल के वार्ड के भीतर तक ले गया और बीमार दादी को उस पर बैठाकर बाहर निकाला। रितिक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कागजों पर सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अस्पताल प्रबंधन पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। इस दृश्य को जिसने भी देखा वह दंग रह गया कि एक बीमार बुजुर्ग महिला को ऐसी गंभीर स्थिति में दोपहिया वाहन का सहारा लेना पड़ा।
इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खोल दी है। सवाल यह उठ रहा है कि एक युवक सरेआम वार्ड के भीतर तक स्कूटी लेकर कैसे पहुँच गया? इस दौरान वहां मौजूद किसी भी सुरक्षाकर्मी या अस्पताल कर्मचारी ने उसे रोकने या टोकने की जहमत नहीं उठाई। यह लापरवाही दर्शाती है कि अस्पताल परिसर के भीतर नियमों की किस कदर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और सुरक्षा के नाम पर भारी चूक हो रही है।
वहीं, मामले के तूल पकड़ने के बाद अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिन्हा ने सफाई पेश की है। उन्होंने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में सीधे तौर पर नहीं आया है, लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर जांच के आदेश दिए गए हैं। अधीक्षक ने दावा किया कि अस्पताल में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिस भी स्तर पर लापरवाही बरती गई है, जांच के बाद उन कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मनोज की रिपोर्ट