खाद्य संरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: जहानाबाद में चार प्रसिद्ध प्रतिष्ठानों पर छापा, 29 लाख से अधिक के दूषित खाद्य पदार्थ नष्ट

जहानाबाद जिले में स्वास्थ्य विभाग की खाद्य संरक्षा इकाई ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और अनियमितताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने जिले के चार प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी की, जिससे मिलावटखोरों और कारोबारियों में हड़कंप मच गया है.

खाद्य संरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: जहानाबाद में चार प्रसि
जहानाबाद में खाद्य संरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई- फोटो : रिपोर्टर

Patna : दीपावली के मौके पर लोगों को मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों से बचाने के लिए खाद्य संरक्षा विभाग पूरी तरह तत्पर है। इसी कड़ी में प्रदेश के जहानाबाद जिले में स्वास्थ्य विभाग की खाद्य संरक्षा इकाई ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और अनियमितताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने जिले के चार प्रमुख खाद्य प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी की, जिससे मिलावटखोरों और कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।


प्रिंस, पूजा, शुभम और जय माता दी मिष्ठान भंडार के लाइसेंस निलंबित

छापेमारी के दौरान प्रिंस स्वीट्स, पूजा स्वीट्स, शुभम स्वीट्स और जय माता दी मिष्ठान भंडार में भारी गड़बड़ियां पाई गईं। इसके बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा चारों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए, साथ ही 2,29,990 रुपये मूल्य के 1,868 किलोग्राम खाद्य पदार्थों को जब्त कर उनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई।


29 लाख से अधिक मूल्य के दूषित खाद्य पदार्थ मौके पर नष्ट

कार्रवाई के दौरान टीम ने भारी मात्रा में सड़े-गले और दूषित खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट कर दिया। नष्ट की गई सामग्री में 12,350 किलोग्राम डोडा बर्फी, 2,400 किलोग्राम खोवा, 40 किलोग्राम क्रीम और विभिन्न खेपों में रखे गए रसगुल्ले शामिल हैं, जिनका कुल मूल्य 29,00,460 रुपये आंका गया है।


गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए कुल आठ नमूने

खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए खाद्य संरक्षा टीम ने प्रतिष्ठानों से विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल आठ नमूने एकत्र किए। इनमें छेना और पनीर के चार, मिल्क केक व मावा का एक-एक तथा रसगुल्ले के दो नमूने शामिल हैं, जिन्हें विधिवत जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है।


शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम जनता को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके तहत प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और भंडारण की निरंतर निगरानी की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


प्रिय दर्शन की रिपोर्ट