Bihar Fire: कटिहार में आग का कहर, करोड़ों की संपत्ति हुई खाक, दमकल इंतजाम पर उठ रहे हैं ये संगीन सवाल
Bihar Fire:भीषण आग ने ऐसा तांडव मचाया कि पूरा इलाका धुएं और चीख-पुकार से गूंज उठा। देखते ही देखते आग की लपटों ने दुकानों की कतारों को अपनी आगोश में ले लिया
Katihar: जिले के कुर्सेला हटिया में लगी भीषण आग ने ऐसा तांडव मचाया कि पूरा इलाका धुएं और चीख-पुकार से गूंज उठा। देखते ही देखते आग की लपटों ने दुकानों की कतारों को अपनी आगोश में ले लिया और करोड़ों की संपत्ति राख में तब्दील हो गई। अब तक आग लगने की असली वजह साफ नहीं हो सकी है, जिससे रहस्य और भी गहराता जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली मानो किसी साजिश के तहत बारूद बिछा हो। शुरुआती जांच में एक बड़ी चूक सामने आई हैइतनी घनी आबादी और NH-31 से जुड़े इस अहम कारोबारी इलाके में बड़ी दमकल गाड़ी की उपलब्धता नहीं थी। स्थानीय लोगों का इल्ज़ाम है कि अगर वक्त पर पर्याप्त दमकल पहुंच जाती तो नुकसान इतना भयावह नहीं होता।
सूचना मिलते ही भागलपुर, नवगछिया और आसपास के इलाकों से दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू तो पा लिया गया, मगर तब तक तबाही अपना खेल दिखा चुकी थी। प्रशासन जहां 50 से अधिक दुकानों के जलने की बात कह रहा है, वहीं स्थानीय कारोबारी 500 से ज्यादा दुकानों के खाक होने का दावा कर रहे हैं। सच क्या है, यह विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।
घटनास्थल पर पहुंचे एसडीओ ने दमकल व्यवस्था की खामियों पर जल्द विचार करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल प्रशासन नुकसान के आकलन में जुटा है और अग्नि पीड़ितों को हरसंभव मदद देने की बात कह रहा है।
कुल मिलाकर इस साल आगजनी की घटनाओं में इसे बिहार की सबसे बड़ी आग की वारदात माना जा रहा है। सवाल अब भी बरकरार हैक्या यह महज़ हादसा था या लापरवाही की साज़िश? कुर्सेला की राख में दबी सच्चाई का खुलासा कब होगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह