Bihar health - बिहार में बच्चों के लिए अपनी तरह का देश का पहला अस्पताल, जिसका पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

Bihar health - राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के प्रयासों से शुरू हुए देश के पहले PICU चमकी बुखार पीड़ित बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है। अब तक कई बच्चों का यहां इलाज किया गया है। अब इसके नए भवन का निर्माण भी पूरा हो गया है।

Bihar health -  बिहार में बच्चों के लिए अपनी तरह का देश का प
गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चों के लिए पीकू बना वरदान- फोटो : NEWS4NATION

Muzaffarpur - गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों के लिए मुजफ्फरपुर में देश के पहले पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) पीकू के नए भवन का उद्घाटन की तैयारी शुरू हो गई है। इस नए भवन का उद्घाटन पीएम मोदी द्वारा किया जाएगा। इस यूनिट में बच्चों की कई गंभीर बीमारियों का इलाज किया जाएगा। 

बता दें मुजफ्फरपुर जिले में दिमागी बुखार (एईएस) से बच्चों की मौतें लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही हैं। इससे निबटने के लिए 2014 में तत्कालीन लोकसभा सांसद और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने लगातार प्रयास किया। रालोमो के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता फजल इमाम मल्लिक ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को न केवल संसद में कई बार उठाया, बल्कि तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से उच्चस्तरीय बैठक करवाकर ठोस कार्रवाई की मांग की।

NIHER

मल्लिक ने बताया कि उनके प्रयासों का ही नतीजा था कि केंद्र सरकार ने इससे निपटने के लिए मुजफ्फरपुर में देश का पहला पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) स्थापित करने का निर्णय लिया। यह निर्णय बिहार ही नहीं, पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी, क्योंकि इससे हजारों बच्चों की जान बचाने में मदद मिली।  यह पीआईसीयू दिमागी बुखार समेत अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। चमकी बुखार से हो रही मौतों के बाद  कुशवाहा ने मुजफ्फरपुर से पटना तक की पदयात्रा भी की थी.

Nsmch

 मल्लिक ने बताया कि इस संस्थान के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन अगले कुछ महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह न केवल मुजफ्फरपुर बल्कि पूरे बिहार के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी, क्योंकि इससे राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं में और भी सुधार होगा। 

मल्लिक ने बताया कि श्री कुशवाहा बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगातार बात करते रहे हैं और मुजफ्फरपुर में हुए इन स्वास्थ्य सुधारों के लिए उपेंद्र कुशवाहा की भूमिका अहम रही है, जिन्होंने इस दिशा में न केवल सरकार का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि ठोस नीतिगत फैसलों को भी अमलीजामा पहनाने में मदद की। यह बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा।

टाटा मेमोरियल अस्पताल का खुला सेंटर

मल्लिक ने बताया कि स्वास्थ्य व्यवस्था सुधार की इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर में टाटा मेमोरियल कैंसर संस्थान का एक केंद्र भी खोला गया। इस केंद्र की स्थापना से उत्तर बिहार और आसपास के क्षेत्रों के कैंसर मरीजों को बेहतरीन इलाज मिलने लगा। यह संस्थान रोजाना 50-60 ओपीडी सेवाएं प्रदान करता है और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। 

इस केंद्र में कैंसर के इलाज के लिए कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, सर्जरी और अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे पहले, उत्तर बिहार के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई या कोलकाता जाना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा मिल रही है।