Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर ICU मौतकांड में बड़ा एक्शन, 6 मौतों के बाद अस्पताल प्रबंधक पर FIR, कई लोग हिरासत में,प्रशासन ने कसा शिकंजा

Muzaffarpur Hospital Fire:दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।...

FIR Filed Against Hospital Manager After Muzaffarpur ICU Fir
मुजफ्फरपुर ICU मौतकांड में बड़ा एक्शन- फोटो : social Media

Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर के  ICU हादसे में अब प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में हुए भीषण हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल के निर्देश पर अस्पताल प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

जानकारी के अनुसार, हादसे के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और आईसीयू संचालन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे थे। मामले की प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी क्रम में ब्रह्मपुरा थाना पुलिस ने अस्पताल प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

सूत्रों के मुताबिक, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए अस्पताल से जुड़े कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के पीछे तकनीकी लापरवाही, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या प्रशासनिक चूक में से कौन-कौन से पहलू जिम्मेदार रहे।

यह हादसा उस समय हुआ था जब अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मरीज अचानक आपात स्थिति की चपेट में आ गए। घटना के बाद मची अफरा-तफरी में कई मरीजों की हालत बिगड़ गई थी। बाद में इलाज के दौरान मृतकों की संख्या बढ़कर छह तक पहुंच गई। इस त्रासदी ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया और स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ दी।मृतकों के परिजनों में अब भी भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि यदि अस्पताल में सुरक्षा मानकों का समुचित पालन किया गया होता तो इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी। परिजन दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। अस्पताल के दस्तावेज, सुरक्षा इंतजाम, तकनीकी उपकरणों की स्थिति और संबंधित कर्मियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि इस मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यही वजह है कि प्राथमिकी दर्ज होने के साथ ही जांच को तेज कर दिया गया है और कई लोगों से पूछताछ जारी है।फिलहाल पूरे जिले की नजर इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच पर टिकी है। लोगों को उम्मीद है कि जांच के बाद हादसे के असली जिम्मेदारों की पहचान होगी और पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सकेगा।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा