Bihar News: हर्ष फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा, गर्ल्स हॉस्टल के गार्ड ने उगली थी आग, राइफल बरामद, रिटायर्ड प्रोफेसर पर भी गिरेगी गाज

Bihar News:शादी की खुशियाँ उस वक्त मातम और दहशत में बदल गईं जब बारात के दौरान अंधाधुंध हर्ष फायरिंग हुई। इस वारदात में 3 बेकसूर लोग गोली लगने से गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे।...

Muzaffarpur Firing Girl Hostel Guard Held Rifle Seized
हर्ष फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा- फोटो : reporter

Muzaffarpur: शादी की खुशियाँ उस वक्त मातम और दहशत में बदल गईं जब बारात के दौरान अंधाधुंध हर्ष फायरिंग हुई। इस वारदात में 3 बेकसूर लोग गोली लगने से गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। अब इस पूरे मामले में पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा किया है। फायरिंग करने वाला कोई और नहीं, बल्कि एक नामचीन गर्ल्स हॉस्टल का गार्ड निकला। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है और हॉस्टल परिसर से वारदात में इस्तेमाल की गई राइफल भी बरामद कर ली है।

यह पूरी सनसनीखेज वारदात मुजफ्फरपुर के साहेबगंज थाना क्षेत्र के परसौनी जहांगीर इलाके में 29 जून की रात को पेश आई थी। पुलिस तफ्तीश में जो सच सामने आया है, उसने सबके होश उड़ा दिए हैं। दरअसल, मिठनपुरा इलाके में संचालित 'नारायणी गर्ल्स हॉस्टल' का गार्ड रामकिशोर मिश्रा (निवासी कथैया) हॉस्टल के मालिक और रिटायर्ड प्रोफेसर प्रमेन्द्र सिंह के साथ इस शादी समारोह में शरीक होने गया था।

जश्न के माहौल में गार्ड ने आपा खो दिया और रसूख दिखाने के चक्कर में ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी गार्ड रामकिशोर मिश्रा की निशानदेही पर नारायणी गर्ल्स हॉस्टल परिसर (जहाँ मालिक का रिहायशी आवास भी है) में छापेमारी की और वारदात में इस्तेमाल की गई राइफल को जब्त कर लिया।

मुजफ्फरपुर के ग्रामीण एसपी  राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि साहेबगंज में हुई हर्ष फायरिंग मामले को पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया है। आरोपी गार्ड रामकिशोर मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिस राइफल से फायरिंग हुई, वो लाइसेंसी है और हॉस्टल मालिक रिटायर्ड प्रोफेसर प्रमेन्द्र सिंह के नाम पर दर्ज है। हथियार बरामद हो चुका है और अब लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ दोषी मालिक की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिसिया जांच में यह साफ हो गया है कि गार्ड ने जिस बंदूक से खूनी खेल खेला, वह उसकी नहीं बल्कि हॉस्टल मालिक रिटायर्ड प्रोफेसर प्रमेन्द्र सिंह की लाइसेंसी राइफल थी। कानूनन अपनी लाइसेंसी गन किसी और को सौंपना और उसका ऐसा गैर-जिम्मेदाराना इस्तेमाल होना एक संगीन जुर्म है।

पुलिस प्रशासन अब इस मामले में बेहद सख्त रुख अख्तियार कर चुका है। आरोपी गार्ड तो सलाखों के पीछे पहुँच चुका है, लेकिन अब इस गुनाह में बराबर के साझीदार रिटायर्ड प्रोफेसर पर भी कानून का शिकंजा कसने वाला है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है, साथ ही उस राइफल के लाइसेंस को हमेशा के लिए मंसूख (रद्द) करने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा