Bihar Police: जनता की सुनवाई को नई धार, पुलिस मुख्यालय के आदेश के बाद सोमवार-शुक्रवार जनता दरबार से तेज हुआ शिकायतों का निस्तारण, अफसरों ने मौके पर ही दिए समाधान के निर्देश

Bihar Police: पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद बिहार पुलिस व्यवस्था में जनता से सीधे संवाद और त्वरित न्याय की दिशा में एक अहम पहल शुरू की गई है।...

Public Grievance Hearings Speed Up After Police HQ Order Fas
जनता की सुनवाई को नई धार- फोटो : reporter

Bihar Police: पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद बिहार पुलिस व्यवस्था में जनता से सीधे संवाद और त्वरित न्याय की दिशा में एक अहम पहल शुरू की गई है। आदेश के तहत अब प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को सभी वरीय पुलिस अधिकारी अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर आम लोगों की शिकायतें सुनेंगे और उनका यथासंभव त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करेंगे। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच दूरी कम करना तथा शिकायतों के समाधान को गति देना है।

इसी क्रम में मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने अपने कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन कर आम लोगों की समस्याएं सुनीं। फरियादियों ने भूमि विवाद, साइबर ठगी, पारिवारिक विवाद और अन्य पुलिस से जुड़ी शिकायतें उनके समक्ष रखीं। एसएसपी ने गंभीर मामलों को तत्काल संज्ञान में लेते हुए संबंधित थाना पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

वहीं दूसरी ओर डीएसपी ईस्ट वन अलय वत्स ने भी पुलिस लाइन स्थित अपने कार्यालय में जनता दरबार लगाया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे और डीएसपी के समक्ष अपनी शिकायतें रखीं। डीएसपी अलय वत्स ने हर मामले को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों में मौके पर ही संबंधित थानों को फोन कर त्वरित कार्रवाई और निष्पादन के निर्देश जारी किए।जनता दरबार के दौरान डीएसपी ने स्पष्ट कहा कि पुलिस का उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को समय पर न्याय उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी शिकायत को अनदेखा न किया जाए और तय समय सीमा के भीतर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।

इस पहल से आम लोगों में भी उम्मीद जगी है कि अब उनकी समस्याओं का समाधान पहले की तुलना में अधिक तेजी और पारदर्शिता के साथ हो सकेगा। खासकर छोटे-छोटे मामलों में थानों के चक्कर लगाने की मजबूरी से राहत मिलने की संभावना बढ़ी है।पुलिस मुख्यालय की यह व्यवस्था न केवल प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, बल्कि इसे जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत करने वाली पहल के रूप में भी देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह जनता दरबार व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है और शिकायत निस्तारण की गति में कितना सुधार लाती है।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा