Bihar MLC Election: नालंदा में अनंत सिंह के काफिले का स्वागत, युवाओं में दिखा जोश, छोटे सरकार के साथ सेल्फी को उमड़ी भीड़
Bihar MLC Election: बिहार की सियासत में इन दिनों विधान परिषद चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज है। ....
Bihar MLC Election: बिहार की सियासत में इन दिनों विधान परिषद चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज है। इसी बीच मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह का काफिला शनिवार को नालंदा पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। जन सुराज के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में निकाले गए रोड शो के दौरान जगह-जगह समर्थकों की भीड़ देखने को मिली।
नालंदा पहुंचते ही अनंत सिंह के काफिले का कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। समर्थकों ने ‘अनंत सिंह जिंदाबाद’ और ‘छोटे सरकार जिंदाबाद’ के नारे लगाए। काफिले के पहुंचते ही बड़ी संख्या में युवा भी जुट गए। कई युवा अनंत सिंह के साथ सेल्फी लेते नजर आए। इससे रोड शो के दौरान माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में दिखाई दिया।
करीब 200 किलोमीटर लंबे इस रोड शो का मकसद जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करना है। रोड शो पटना से शुरू होकर बख्तियारपुर, नालंदा होते हुए नवादा तक जाने की जानकारी सामने आई है। रास्ते में कई स्थानों पर समर्थकों और कार्यकर्ताओं की ओर से काफिले का स्वागत किया जा रहा है।
इस रोड शो में भोजपुरी गायक और अभिनेता गुंजन सिंह भी अनंत सिंह के साथ मौजूद रहे। दोनों के साथ होने से समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। नालंदा में काफिले के पहुंचने पर युवाओं की मौजूदगी और नारेबाजी ने रोड शो को खासा चर्चा में ला दिया।
गौरतलब है कि अनंत सिंह हाल के दिनों में जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। 1 अक्टूबर को पटना में अनुज सिंह के नामांकन के दौरान भी अनंत सिंह उनके साथ रोड शो में शामिल हुए थे।
वहीं, अनुज सिंह पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं, जहां उनका मुकाबला जदयू के प्रत्याशी नीरज कुमार समेत अन्य उम्मीदवारों से है। अनंत सिंह के खुले समर्थन के बाद यह चुनावी गतिविधि बिहार की सियासत में चर्चा का विषय बनी हुई है।नालंदा में रोड शो के दौरान उमड़ी भीड़ और युवाओं का उत्साह इस पूरे अभियान को लेकर स्थानीय स्तर पर बनी राजनीतिक हलचल को जरूर दिखाता है। अब देखना होगा कि चुनावी मैदान में इस प्रचार अभियान का क्या असर देखने को मिलता है।
रिपोर्ट- राज पाण्डेय