Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर आभूषण कारोबारी हत्याकांड का खुलासा, सकरा के 2 शातिर शूटर हथियार के साथ गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर के माधोपुर सुस्ता में आभूषण कारोबारी दीपक कुमार हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा। सकरा से दो आरोपी हथियार के साथ गिरफ्तार। लूट का विरोध करने पर मारी थी गोली। बाकी दो की तलाश जारी।
मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना अंतर्गत कच्ची पक्की ओपी क्षेत्र के माधोपुर सुस्ता गांव में हुए बहुचर्चित आभूषण कारोबारी दीपक कुमार हत्याकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस की विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सकरा थाना क्षेत्र से दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान मोहम्मद आजाद उर्फ तमन्ने और प्रमोद कुमार के रूप में हुई है, जिनके पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं। पुलिस की कड़ी पूछताछ में दोनों ने लूट के दौरान कारोबारी की हत्या करने के जुर्म को कबूल कर लिया है।
घर से महज 200 मीटर पहले लूट का विरोध करने पर मारी थी गोली, मौके पर छूटे थे सुराग
यह सनसनीखेज वारदात बीती 15 मई की शाम को हुई थी, जब जेवर व्यवसायी दीपक कुमार अपनी दुकान बढ़ाकर घर लौट रहे थे। घर से मात्र 200 मीटर की दूरी पर घात लगाए बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें रोक लिया और लूटपाट की कोशिश की। दीपक कुमार ने जब इसका बहादुरी से विरोध किया, तो अपराधियों और उनके बीच हाथापाई होने लगी। शोर सुनकर घर से बाहर निकले पत्नी और बेटे ने जब यह मंजर देखा, तो बेटा अपने पिता को बचाने के लिए दौड़ा। खुद को घिरता देख और लूट में असफल होने के बाद अपराधियों ने दीपक कुमार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। हालांकि, हड़बड़ाहट में भागते समय अपराधियों का पिस्टल, टोपी और चप्पल मौके पर ही छूट गए थे।
अस्पताल में डॉक्टर ने घोषित किया मृत, आक्रोशित ग्रामीणों को अधिकारियों ने संभाला
गोली लगने से लहूलुहान दीपक कुमार को परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। व्यवसायी की मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में कोहराम मच गया और आक्रोशित ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कई थानों की पुलिस बल के साथ टाउन टू की एसडीपीओ विनीता सिन्हा और सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने तुरंत घटनास्थल का रुख किया। पुलिस ने एफएसएल (FSL) की टीम को बुलाकर मौके से साक्ष्य जुटाए और लोगों को समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
डीआईजी और एसएसपी ने संभाला था मोर्चा, जांच के लिए बनाई गई थी विशेष टीम
वारदात के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा और एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा भी पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे थे। डीआईजी के कड़े निर्देश पर एसएसपी ने तत्काल एसडीपीओ टाउन टू विनीता सिन्हा के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जिसमें जिला खुफिया इकाई (DIU) की टीम को भी शामिल किया गया। यह विशेष टीम लगातार तकनीकी इनपुट, मोबाइल सर्विलांस और मानवीय सूचनाओं के आधार पर अपराधियों के ठिकानों पर जाल बिछा रही थी, जिसके परिणामस्वरूप आखिरकार दो आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचे।
चार अपराधियों ने मिलकर रची थी खूनी साजिश, कई दिनों तक की थी रेकी
पुलिस की पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस पूरी वारदात को कुल चार अपराधियों ने मिलकर अंजाम दिया था। अपराधियों ने घटना से पहले कई दिनों तक आभूषण कारोबारी दीपक कुमार की दिनचर्या और उनके आने-जाने के रास्तों की रेकी (निगरानी) की थी। उन्हें पता था कि किस समय दीपक कुमार दुकान बढ़ाकर कैश और जेवरात लेकर लौटते हैं। इसी योजना के तहत 15 मई की शाम को वारदात को अंजाम दिया गया, लेकिन जब लूट का दांव उल्टा पड़ा, तो उन्होंने बेरहमी से कारोबारी की जान ले ली।
दो आरोपी भेजे गए जेल, बाकी फरार अपराधियों की तलाश में छापेमारी जारी
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। घटना में शामिल अन्य दो अपराधी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सिटी एसपी ने दावा किया है कि फरार अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द ही इस कांड के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाएगी।
रिपोर्ट - मणिभूषण