स्कूली बच्चों की अनूठी पहल: मानव श्रृंखला से बनाई दीपक की आकर्षक आकृति, सुरक्षित दीपावली का दिया संदेश
Nawada : जिले के रोह प्रखंड स्थित आदर्श प्राथमिक विद्यालय कुंजैला में दीपावली के पावन अवसर पर बच्चों ने अपनी रचनात्मकता और अद्भुत प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है. विशिष्ट शिक्षक अविनाश कुमार निराला के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने मिलकर एक अनोखी मानव श्रृंखला तैयार की, जिसके माध्यम से जमीन पर दीपक की बेहद आकर्षक और मनमोहक आकृति उकेरी गई. बच्चों की इस कलात्मक पहल ने वहां मौजूद सभी अभिभावकों और स्थानीय लोगों का मन मोह लिया.
चूने से लिखा गया 'दिवाली', आयोजन का रहा विशेष आकर्षण
इस अनूठे आयोजन का मुख्य आकर्षण यह रहा कि मानव श्रृंखला के जरिए बनाई गई दीपक की आकृति के बीचों-बीच चूने से बड़े अक्षरों में 'दिवाली' लिखा गया था. विद्यालय के बच्चों ने पूरी एकजुटता और उत्साह के साथ इस गतिविधि में हिस्सा लिया और दीपावली के पर्व पर प्रकाश और उल्लास के संदेश को एक अनोखे अंदाज में प्रस्तुत किया.
बच्चों को बताया गया दीपावली का सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व
इस रचनात्मक गतिविधि के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षकों ने बच्चों को दीपावली के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी. शिक्षक अविनाश कुमार निराला ने बच्चों को समझाया कि दीपावली मुख्य रूप से रोशनी, खुशियों, आपसी प्रेम और भाईचारे का त्योहार है, जिसे पूरी जिम्मेदारी और सुरक्षित तरीके से मनाया जाना चाहिए.
पटाखों से बचाव और सुरक्षा को लेकर बच्चों को दी गई विशेष सीख
आयोजन के दौरान शिक्षकों ने बच्चों को पटाखों से होने वाले हादसों के प्रति सचेत करते हुए सुरक्षित आतिशबाजी करने की नसीहत दी. बच्चों को समझाया गया कि वे अधिक आवाज और धुआं फैलाने वाले पटाखों से दूर रहें. साथ ही यह भी बताया गया कि फुलझड़ी या पटाखे हमेशा अभिभावकों की मौजूदगी में जलाएं और किसी भी परिस्थिति में जलते हुए पटाखे को हाथ में न लें, ताकि गंभीर दुर्घटनाओं से बचा जा सके.
सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश, शिक्षकों की रही सराहनीय उपस्थिति
इस प्रेरणादायक आयोजन के माध्यम से बच्चों को सृजनात्मकता के साथ-साथ व्यक्तिगत सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का भी महत्वपूर्ण संदेश दिया गया. इस सफल कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक सुरेंद्र रावत, प्रमोद दयाल, कुमारी मालती भूषण सहित कई अन्य लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने बच्चों के इस प्रयास की जमकर सराहना की.
अमन की रिपोर्ट