Bihar Land Survey: बिहार में बन रहा अनोखा रिकॉर्ड! एक साल में 1000 से ज्यादा सर्वे कर्मियों ने दिया इस्तीफा

Bihar Land Survey: बिहार में भूमि सर्वेक्षण के बीच एक नया रिकॉर्ड बन रहा है! बीते एक साल में 1000 से अधिक सर्वेक्षण कर्मियों ने नौकरी छोड़ दी है, जिससे सर्वे प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

Bihar Land Survey: बिहार में बन रहा अनोखा रिकॉर्ड! एक साल मे

बिहार में जारी भूमि सर्वेक्षण कार्य के बीच राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कर्मियों के इस्तीफे का सिलसिला लगातार जारी है। एक साल के भीतर इतनी बड़ी संख्या में किसी एक विभाग से कर्मचारियों का त्यागपत्र देना अपने आप में एक रिकॉर्ड बन गया है।

सर्वेक्षण कार्य पर मंडराता संकट

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने रैयतों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने स्वघोषणा पत्र जमा करें। लेकिन, दूसरी ओर सर्वेक्षण कार्य में लगे कर्मियों के लगातार नौकरी छोड़ने से इस काम पर संकट के बादल छा गए हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 1000 से अधिक कर्मी अपना त्यागपत्र दे चुके हैं, जो कि एक नई चुनौती को दर्शाता है।

हाल ही में 11 कर्मियों का इस्तीफा स्वीकार

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28 मार्च को विभाग ने 11 सर्वेक्षण कर्मियों का इस्तीफा स्वीकार किया। इनमें 10 बेगूसराय जिले से और एक सारण जिले से हैं। इन कर्मियों का इस्तीफा संबंधित जिला बंदोबस्त पदाधिकारियों की अनुशंसा पर भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय द्वारा मंजूर किया गया। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि त्यागपत्र देने वाले कर्मियों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है और यदि कोई फर्जी प्रमाण पत्र पाया जाता है, तो संबंधित कर्मियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बड़ी संख्या में कर्मियों के इस्तीफे से बढ़ी चुनौती

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बिहार सरकार ने भूमि सर्वेक्षण कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए भारी संख्या में कर्मियों की भर्ती की थी। हालांकि, अब लगातार कर्मियों के त्यागपत्र देने से यह कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया है।

गत माह गया जिले में 42 और मधुबनी जिले में 26 सर्वेक्षण कर्मियों ने इस्तीफा दिया था। बीते एक वर्ष में बिहार के विभिन्न जिलों में मिलाकर करीब 1000 से अधिक कर्मी अपने पदों से त्यागपत्र दे चुके हैं।

क्यों छोड़ रहे हैं कर्मी नौकरी?

सूत्रों के अनुसार, बड़ी संख्या में सर्वेक्षण कर्मियों को जूनियर इंजीनियर के पद पर नियुक्ति मिल रही है, जिसके बाद वे सर्वेक्षण पदों से इस्तीफा दे रहे हैं। जूनियर इंजीनियर का पद नियमित है और इसमें अधिक वेतन एवं सुविधाएं हैं, जिससे कर्मी अपना वर्तमान पद छोड़ना उचित समझ रहे हैं।

भूमि सर्वेक्षण कार्य पर असर

इस लगातार होती इस्तीफों की वजह से भूमि सर्वेक्षण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। सरकार के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इस महत्वपूर्ण कार्य को बिना किसी बाधा के कैसे पूरा किया जाए।

समाधान की दिशा में प्रयास

विभाग इस समस्या के समाधान के लिए वैकल्पिक उपायों पर विचार कर रहा है। नए कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया को तेज करने और मौजूदा कर्मियों को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम किया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस चुनौती से कैसे निपटती है और भूमि सर्वेक्षण कार्य को सुचारू रूप से कैसे पूरा किया जाता है।