Bihar News: पटना में छठ महापर्व को मिलेगी नई पहचान, नीतीश सरकार दीघा में कर रही खास काम
Bihar News: पटना के दीघा घाट स्थित जेपी सेतु के नीचे बन रही 17 फीट ऊंची और 12 फीट चौड़ी कलाकृति इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। यह अनोखी आर्टवर्क बिहार के सबसे बड़े लोक पर्व छठ पूजा को समर्पित है।

Bihar News: छठ महापर्व से पहले दीघा घाट पर एक अनोखा आकर्षण देखने को मिलेगा। बुडको की ओर से यहां 17 फीट ऊंची और 12 फीट चौड़ी व्रती की आकृति तैयार की जा रही है, जिसे वेस्ट टू वंडर स्कल्पचर के रूप में स्थापित किया जाएगा। यह आकृति पूरी तरह से इस्तेमाल की गई सामग्री से बनाई जा रही है। इस कलाकृति का डिजाइन पारंपरिक सूप की तरह होगा, जिसमें सूर्यदेव को अर्घ्य देने का दृश्य दिखाया जाएगा। धातु से बने फल, गन्ना और अन्य प्रसाद सामग्री इसमें सजाई जाएगी। दो बड़े हाथों में सूप पकड़े सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करते हुए दर्शाया जाएगा।
मूर्ति में व्रती के हाथों में होगा पारंपरिक प्रसाद सामग्री
मूर्ति में व्रती के हाथों में पारंपरिक सूप होगा, जिसमें धातु से निर्मित फल, गन्ना और प्रसाद सामग्री रखी जाएगी। यह कला सूर्यदेव को अर्घ्य देने की परंपरा को दर्शाएगी। बुडको के एमडी अनिमेष कुमार पराशर ने बताया कि यह केवल कला का नमूना नहीं होगा, बल्कि ऊर्जा, जीवन और प्रकाश के शाश्वत स्रोत सूर्य की उपासना का प्रतीक बनेगा।
छठ से पहले होगा निर्माण
उन्होंने कहा कि छठ से पहले इस शिल्प का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। दीघा घाट पर स्थापित यह शिल्प श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। पटना को इससे नया सांस्कृतिक और सौंदर्य प्रतीक मिलेगा, जो न केवल आस्था और परंपरा को दर्शाएगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का संदेश भी देगा।
कलाकृति आकर्षण का बनेगा केंद्र
गौरतलब है कि दीघा घाट को गंगा किनारे के नाम से विकसित किया जा रहा है, जिसे आने वाले दिनों में बड़ा टूरिस्ट स्पॉट बनाने की योजना है। यहां 13,500 स्क्वायर फीट क्षेत्र को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए कई बदलाव किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए यह कलाकृति आकर्षण का बड़ा केंद्र बनेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह पटना की नई पहचान के रूप में उभरेगी, जहां लोग बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी यादें संजोएंगे।