National News : सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: स्टेट बार काउंसिलों में महिलाओं को मिलेगा 30% आरक्षण, पुनर्गठन की शुरू होगी प्रक्रिया
National News : सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट्स एक्ट, 1961 के तहत स्टेट बार काउंसिल और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के पुनर्गठन को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
PATNA : सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट्स एक्ट, 1961 के तहत स्टेट बार काउंसिल और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पुनर्गठन को लेकर को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने यह आदेश जारी किया।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश में 2 सप्ताह में को-ऑप्शन प्रक्रिया पूरा करने का अनुरोध हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सभी संबंधित हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से कहा है कि वे नए चुने गए सदस्यों के साथ परामर्श कर दो महिला सदस्यों (पूर्व महिला न्यायाधीश या वरिष्ठ महिला वकील) के नॉमिनेशन (Co-option) का काम 2 सप्ताह के भीतर पूरा करें।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हर स्टेट बार काउंसिल में महिलाओं का 30% प्रतिनिधित्व अनिवार्य है। इसमें से 20% सदस्य सीधे चुनाव द्वारा चुनी गई हैं और शेष 10% सदस्य को-ऑप्शन के जरिए तय की जा रही हैं। को-ऑप्शन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 1 सप्ताह के भीतर स्टेट बार काउंसिल की नई संरचना (composition) को अधिसूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।
गठन अधिसूचित होने के 2 सप्ताह के भीतर सभी स्टेट बार काउंसिल अपने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, अन्य पदाधिकारियों और बार काउंसिल ऑफ इंडिया बार काउंसिल ऑफ इंडिया के लिए अपने 1-1 प्रतिनिधि का चुनाव करेंगी। जब तक नई बार काउंसिल ऑफ इंडिया का गठन नहीं हो जाता, तब तक किसी भी बड़े नीतिगत फैसले में भारत के अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल को सक्रिय रूप से शामिल रखा जाएगा। सभी राज्यों की बार काउंसिल को इस प्रक्रिया पर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर अगली सुनवाई 23 सितंबर, 2026 को करेगा।