पटना अपहरण कांड: पुलिस की मुस्तैदी से टली बड़ी वारदात, 2 घंटे तक शहर में दौड़ाया, फिर घेराबंदी कर छुड़ाया
पटना में कंकड़बाग थाने से महज कुछ दुरी पर स्थित पाटलिपुत्र खेल कॉम्प्लेक्स के पास से सुमित कुमार का फिल्मी स्टाइल में अपहरण हो गया था। पुलिस ने कुछ देर में ही उसे बरामद कर लिया।
पटना के कंकड़बाग थान क्षेत्र से सरेआम दिनदहाड़े हुए एक छात्र के अपहरण के मामले ने शहर में सनसनी फैला दी। पाटलिपुत्र खेल कॉम्प्लेक्स के पास से 25 वर्षीय सुमित कुमार को अज्ञात बदमाशों ने उस वक्त अगवा कर लिया जब वह वहां मौजूद था। बाइक और कार से आए अपराधियों ने सुमित को जबरन उठाया और तेजी से फरार हो गए। गनीमत यह रही कि पास की झुग्गी में रहने वाले एक युवक ने इस पूरी घटना को देख लिया और तुरंत कंकड़बाग थाने को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।

सूचना मिलते ही पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लिया और सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए अपराधियों का पीछा करना शुरू किया। शहर की सड़कों पर करीब 2 घंटे तक पुलिस और किडनैपर्स के बीच 'चूहे-बिल्ली' का खेल चलता रहा। अंततः पुलिस ने बहादुरपुर इलाके में घेराबंदी कर अपराधियों को दबोचने की कोशिश की। खुद को घिरता देख बदमाश सुमित को बहादुरपुर बगीचा के पास छोड़कर मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया है।
पीड़ित सुमित कुमार, जो पृथ्वीपुर चिरैयाटांड़ का रहने वाला है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है, उसने पुलिस को बताया कि इस अपहरण के पीछे 10 दिन पुराना एक विवाद हो सकता है। सुमित के अनुसार, करीब 10 दिन पहले चाय की दुकान पर गलती से उसके हाथ से लगकर कुछ युवकों की चाय गिर गई थी, जिसे लेकर काफी कहासुनी हुई थी। उसे आशंका है कि उन्हीं युवकों ने सबक सिखाने और मारपीट करने की नीयत से 3 कार और 2 बाइक के साथ आकर उसका अपहरण किया था।
एएसपी सदर अभिनव कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को घटनास्थल से किडनैपर्स की एक बाइक बरामद हुई है। बाइक के नंबर के जरिए आरोपियों की शिनाख्त की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पीड़ित युवक के बयानों में अभी पूरी स्पष्टता नहीं है, इसलिए अपहरण की असली वजह और पूरी साजिश का खुलासा आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही हो पाएगा।