पटना के बिस्कोमान भवन में भीषण आग, 13वीं मंजिल से उठीं लपटें, दमकल की कई गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

बिस्कोमान भवन पटना के गांधी मैदान के पश्चिमी छोर पर 18 मंजिला इमारत है. इसमें कई कार्यालय हैं. शनिवार को इसके 13वें फ्लोर पर आग लग जाने से हड़कंप मच गया .

fire broke out at Biscoman Bhawan
fire broke out at Biscoman Bhawan- फोटो : news4nation

Biscomaun Bhawan :  पटना के गांधी मैदान स्थित बिस्कोमान भवन में शनिवार तड़के अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार सुबह करीब 4 बजे भवन की 13वीं मंजिल पर आग भड़क उठी। उस समय भवन में मौजूद सुरक्षा गार्ड ने सबसे पहले धुआं उठते देखा। जब वह बाहर निकला तो 13वें फ्लोर की खिड़कियों से आग की तेज लपटें निकलती दिखाई दीं। इसके बाद तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई।


सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग ऊपरी मंजिल तक सीमित रही, जिससे नीचे के कार्यालयों को तत्काल कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। हालांकि आग लगने के कारणों का पता अभी नहीं चल सका है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से हादसा हुआ हो सकता है। बिहार में इससे पहले भी कई बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की घटनाओं में शॉर्ट सर्किट प्रमुख कारण रहा है।


अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऊंची इमारत होने के कारण हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और विशेष उपकरणों की मदद से आग बुझाने का काम किया गया। राहत की बात यह रही कि घटना सुबह तड़के हुई, इसलिए भवन में लोगों की मौजूदगी बेहद कम थी और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने के बाद आसपास के इलाके में धुएं का गुबार फैल गया, जिससे कुछ समय के लिए लोगों में दहशत का माहौल बन गया।


क्या है बिस्कोमान भवन?

Biscomaun Bhawan पटना की सबसे पहचान योग्य इमारतों में से एक है। गांधी मैदान के पश्चिमी छोर पर स्थित यह 18 मंजिला भवन वर्ष 1971 में बनाया गया था। यहां बिहार सरकार, केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालयों, निजी संस्थानों और शैक्षणिक संस्थाओं के दफ्तर संचालित होते हैं। यह भवन शहर के विहंगम दृश्य को देखने के लिए भी प्रसिद्ध है। लंबे समय तक इसे पटना की सबसे ऊंची इमारतों में गिना जाता रहा है।


फिलहाल प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आग पूरी तरह बुझने के बाद फॉरेंसिक एवं तकनीकी टीमों द्वारा विस्तृत जांच की जाएगी।
रंजीत की रिपोर्ट