तेजस्वी यादव और अख्तरुल इमान की बंद कमरे में मुलाकात, क्या बिहार राज्यसभा चुनाव में होने वाला है कोई बड़ा 'खेला
बिहार राज्यसभा चुनाव में नया मोड़! AIMIM अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने तेजस्वी यादव से मिलकर मांगा समर्थन। कहा— इस बार हमें मौका दें, आगे हम करेंगे सहयोग। तेजस्वी ने दिया विचार करने का भरोसा।
Patna -: बिहार में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों के लिए जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में एआईएमआईएम के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने राजद नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात की है। इमान ने स्पष्ट रूप से राज्यसभा चुनाव के लिए महागठबंधन से समर्थन मांगा है।
मुलाकात को बताया स्वाभाविक, पर छिपे हैं सियासी मायने
अख्तरुल इमान ने तेजस्वी यादव से हुई इस मुलाकात को एक सामान्य शिष्टाचार भेंट के तौर पर पेश किया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "वह भी विधायक हैं, मैं भी विधायक हूं। वे विपक्ष के नेता हैं और मैं अपनी पार्टी का अध्यक्ष हूं। ऐसे में मुलाकात होना कोई ताज्जुब की बात नहीं है।" हालांकि, राज्यसभा चुनाव के ऐन पहले हुई इस बैठक ने सियासी गलियारों में कयासों का दौर शुरू कर दिया है.
"इस बार हमें अवसर दें, आगे हम सहयोग करेंगे"
मुलाकात के बाद अख्तरुल इमान ने खुलकर अपनी मंशा जाहिर की। उन्होंने बताया कि उन्होंने तेजस्वी यादव के सामने राज्यसभा जाने की इच्छा रखी है। इमान ने कहा, "मैंने उनसे कहा है कि इस बार कम से कम हमें अवसर दीजिए, आइंदा हम आपको सहयोग करेंगे।" यह बयान संकेत देता है कि एआईएमआईएम इस बार राज्यसभा की रेस में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती है.
तेजस्वी यादव का आश्वासन— "विचार करेंगे"
सूत्रों के अनुसार, तेजस्वी यादव ने अख्तरुल इमान की बातों को गंभीरता से सुना है। इमान के मुताबिक, तेजस्वी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वे इस प्रस्ताव पर "विचार करेंगे"। तेजस्वी का यह रुख महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्यसभा की सीटों के लिए महागठबंधन के भीतर पहले से ही कई दावेदार मौजूद हैं.
तेजस्वी का दावा— "संख्या बल हमारे पास है"
वहीं दूसरी ओर, तेजस्वी यादव ने राज्यसभा चुनाव में अपनी जीत को लेकर भारी आत्मविश्वास दिखाया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "हमारे पास पर्याप्त संख्या बल है और इस बार हम चुनाव जीतने जा रहे हैं।" उम्मीदवारों के चयन पर उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में पार्टी तय कर देगी कि मैदान में कौन होगा.
सीटों का गणित और AIMIM की भूमिका
बिहार की राजनीति में एआईएमआईएम के पास फिलहाल सीमित विधायक हैं, लेकिन राज्यसभा जैसे कड़े मुकाबले में एक-एक वोट की कीमत बढ़ जाती है। अख्तरुल इमान की यह पहल महागठबंधन में अपनी पैठ बनाने और मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
क्या विपक्षी एकता में दिखेगी नई मजबूती?
यदि तेजस्वी यादव और राजद, अख्तरुल इमान की मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हैं, तो यह बिहार में विपक्षी एकता का एक नया समीकरण बना सकता है। हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि तेजस्वी अपने पार्टी कैडर और अन्य सहयोगियों को इस समर्थन के लिए कैसे राजी करते हैं।
Report - Debanshu prabhat