Bihar Politics: एक ही गाड़ी में बैठ कर पटना से मोकामा के लिए रवाना हुए अनंत सिंह और ललन सिंह, आज दिखाएंगे 'सियासी पावर'
Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज है। वहीं आज मोकामा में पूर्व विधायक अनंत सिंह और केंद्रीय मंत्री एक साथ दिखेंगे। दोनों कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पटना से एक साथ रवाना हो गए हैं।

Bihar Politics: मोकामा के बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह शनिवार को बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं। उनका रोड शो सबनीमा से शुरू होकर पंडारक होते हुए बड़हिया के बाहापर तक निकलेगा। इस रोड शो में उनके साथ जेडीयू के कद्दावर नेता और मुंगेर से सांसद ललन सिंह मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम के लिए मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह एक साथ पटना से रवाना हो गए है। मिली जानकारी अनुसार दोनों नेता एक ही वाहन पर बैठकर मोकामा के लिए निकले हैं। मोकामा में आज दोनों नेता सियासी पावर दिखाएंगे। बता दें कि, ललन सिंह का प्रभाव इस पूरे इलाके में गहरा है और आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह रोड शो बेहद अहम माना जा रहा है।
सोनू–मोनू से आमना-सामना तय
रोड शो के दौरान अनंत सिंह का आमना-सामना उनके धुर विरोधी सोनू–मोनू से होना लगभग तय माना जा रहा है। सोनू–मोनू की मां उर्मिला देवी नौरंगा जलालपुर पंचायत की मुखिया हैं और पंचायत में इनकी गहरी पकड़ है। उपचुनाव के दौरान जब सोनू–मोनू अनंत सिंह के विरोध में मोकामा वाले ललन सिंह के साथ खड़े थे, तब उन्होंने अपने पंचायत से ललन सिंह को बढ़त दिलवाई थी। यही नहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में भी सोनू–मोनू ने ललन सिंह को समर्थन दिया और अपने इलाके से उन्हें अच्छे खासे वोटों की बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई। ऐसे में इस बार रोड शो में उनका रुख किस ओर रहेगा, इस पर सबकी निगाहें हैं।
विवेका पहलवान का एंगल
सोनू सिंह खुद को विवेका पहलवान का शिष्य बताते हैं। विवेका पहलवान और अनंत सिंह के बीच लंबे समय तक दुश्मनी रही, लेकिन बाद में दोनों में सुलह हुई। उसी सुलह के बाद विवेका पहलवान ने ही सोनू–मोनू को अनंत सिंह के साथ समझौते की राह पर खड़ा किया था। अब सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार भी कोई नया समझौता होगा या फिर पुराने जख्म फिर हरे होंगे।
भोला–मुकेश सिंह का वाकया
जेल से बाहर आने के बाद जब अनंत सिंह ने पंडारक में रोड शो किया था, तब उनके कट्टर विरोधी भोला सिंह के भाई मुकेश सिंह ने वहीं उनका फूल-माला पहनाकर स्वागत किया था। उस घटना ने राजनीति में बड़ा संदेश दिया था कि दुश्मन भी दोस्त बन सकते हैं। अब देखना यह है कि क्या आज सोनू–मोनू भी अनंत सिंह के स्वागत पंक्ति में खड़े होंगे या फिर सड़कों पर तनाव बढ़ेगा।
सुरजभान सिंह का अनंत सिंह को समर्थन देने वाला बयान
विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी देखी जा रही है। अनंत सिंह के बाहर आते ही मोकामा का सियासी पारा हाई है। मोकामा से कौन चुनाव लड़ेगा किसको किसका समर्थन मिलेगा इसको लेकर भी माथा पच्ची जारी है। इसी बीच सूरजभान सिंह के बयान का भी चर्चा तेज है। मालूम हो कि सूरजभान सिंह अनंत सिंह के दुश्मनों में से एक है। अनंत सिंह के खिलाफ कई बार सूरजभान सिंह दावा ठोक चुके हैं। इसके पहले भी उन्होंने ऐलान किया था कि इस बार के विधानसभा चुनाव में वो मोकामा से अनंत सिंह को जीतने नहीं देंगे। हालांकि अब सूरजभान सिंह के भी तेवर बदले बदले नजर आ रहे हैं। हाल ही में एक बयान में सूरजभान सिंह ने अनंत सिंह का समर्थन करने की बात कही है। उनसे पूछा गया कि अनंत सिंह चुनाव लड़ेंगे तो क्या आप उनका समर्थन करेंगे तो उन्होंने कहा कि वो अनंत सिंह का समर्थन करेंगे।
चुनावी सरगर्मी के बीच टकराव का अंदेशा
आने वाले विधानसभा चुनाव ने इस पूरे घटनाक्रम को और भी अहम बना दिया है। रोड शो को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है ताकि हालात बेकाबू न हों। सवाल यह है कि क्या सांसद ललन सिंह अपने राजनीतिक कद और अनुभव से दोनों धुर विरोधियों को एक साथ खड़ा कर पाएंगे या फिर मैदान में गरजेंगी बंदूकें और सियासी रेखाएँ और गहरी हो जाएँगी। राजनीति में कहा भी जाता है—न कोई स्थायी दोस्त होता है और न स्थायी दुश्मन। यही वजह है कि पूरे इलाके की निगाहें आज के रोड शो और संभावित आमना-सामना पर टिकी हुई हैं।