Bihar Budget Session: विधानसभा के पोर्टिको में सियासी संग्राम, दरभंगा की दरिंदगी और NEET छात्रा की मौत पर कटघरे में सरकार , नारेबाज़ी के बीच सदन में दाखिल हुए सीएम
Bihar Budget Session:दरभंगा में छह साल की मासूम के साथ हुई दरिंदगी और पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर बिहार विधानसभा का पोर्टिको आज सियासी अखाड़ा बन गया।...
Bihar Budget Session: बिहार की सियासत एक बार फिर इंसाफ़, शक्ति और दोषारोपण के त्रिकोण में उलझ गई है। दरभंगा में छह साल की मासूम के साथ हुई दरिंदगी और पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर बिहार विधानसभा का पोर्टिको आज सियासी अखाड़ा बन गया। बजट सत्र के पांचवें दिन कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया। नारे गूंज रहे थे, पोस्टर लहरा रहे थे और उसी शोर-शराबे के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन के अंदर दाख़िल हुए बाहर सियासी तूफ़ान, अंदर संवैधानिक कार्रवाई।
दरभंगा के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के बेला में शनिवार की रात जो हुआ, उसने पूरे सूबे को हिला दिया। छह साल की बच्ची से रेप के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले विकास महतो को गिरफ्तार किया है, जिसके कपड़ों पर खून के धब्बे मिलने का दावा किया गया है। यह मामला सिर्फ़ एक आपराधिक वारदात नहीं रहा, बल्कि सरकार की कानून-व्यवस्था पर सीधा इल्ज़ाम बन गया है। विपक्ष का कहना है कि मासूमों की हिफ़ाज़त में सरकार नाकाम साबित हो रही है।
इसी बीच पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में जहानाबाद की NEET छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला भी सुलगता जा रहा है। SIT से लेकर CBI तक की जांच के बावजूद परिवार को इत्मीनान नहीं है। छात्रा के माता-पिता दिल्ली के जंतर-मंतर पर डटे हैं और सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जज की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रा की मां का दर्द छलक पड़ा उन्होंने बिहार सरकार और CBI पर भरोसा न होने की बात कही और केंद्र सरकार से इंसाफ़ की गुहार लगाई।
इस पूरे मसले में सांसद पप्पू यादव की भूमिका सियासी आग में घी डाल रही है। उन्होंने छात्रावास प्रबंधन, अस्पताल व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर खुलेआम सवाल उठाए, पीड़ित परिवार से मुलाकात की और दावा किया कि उनकी गिरफ्तारी सरकार की आलोचना का बदला है। इसी गिरफ्तारी के विरोध में विपक्ष आज सड़क से सदन तक मुखर दिखा।
कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन सांसद पोर्टिको में ‘आज जेल होई, कल बेल होई, परसो से वो ही खेल होई’ लिखी टी-शर्ट पहनकर पहुंचे। उनका एलान था “हम पप्पू यादव के साथ खड़े हैं।” कांग्रेस विधायक कमरुल होदा ने सरकार पर सीधा हमला बोला और कहा कि बिहार में लोकतंत्र नहीं, राजतंत्र चल रहा है। उनका आरोप था कि NEET मामले को उठाने की सज़ा पप्पू यादव को दी गई।
नारेबाज़ी, तंज़ और आरोपों के बीच विधानसभा परिसर गवाह बना कि कैसे अपराध के मामलों ने सियासत को गरमा दिया है। सवाल अब यही है क्या इन मासूमों को इंसाफ़ मिलेगा या यह मुद्दे भी सियासी शोर में दबकर रह जाएंगे? बिहार की जनता जवाब देख रही है, और सत्ता के गलियारों में बेचैनी साफ़ महसूस की जा सकती है।