सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला: सीएम चिकित्सा सहायता कोष की आय सीमा बढ़ी, अब इतने लाख प्रतिवर्ष आमदनी वाले परिवार को भी मिलेगा लाभ

बिहार के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को लिए बड़ी खबर है। अब 4 लाख तक प्रतिवर्ष आमदनी वाले परिवार को भी मुख्यमंंत्री चिकित्सा सहायता कोष से गंभीर बीमारी के इलाज के आर्थिक सहायता मिलेगा....

सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला: सीएम चिकित्सा सहायता कोष की आय

Patna  : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार, 03 जून 2026 को मुख्य सचिवालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े 13 बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी गई है। इस बैठक में स्वास्थ्य, उद्योग, ऊर्जा, श्रम संसाधन और समाज कल्याण विभाग के कई नीतिगत प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार के इस कदम से राज्य में बड़े पैमाने पर निजी निवेश का रास्ता साफ हुआ है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में आम जनता को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।


स्वास्थ्य विभाग: मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष की आय सीमा अब 4 लाख, गरीबों को बड़ी राहत

कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर सबसे बड़ा फैसला 'मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष' के नियमों में बदलाव को लेकर किया गया है। सरकार ने इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की अधिकतम वार्षिक आय सीमा को ₹2.50 लाख से बढ़ाकर अब ₹4 लाख प्रतिवर्ष कर दिया है। इस आय सीमा में बढ़ोतरी होने से राज्य के गरीब और मध्यम आय वर्ग के जरूरतमंद मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भारी आर्थिक सहायता मिल सकेगी। इसके साथ ही, सरकारी डॉक्टरों और दंत चिकित्सकों को उच्च शिक्षा के लिए शर्तों के साथ अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।


दरभंगा एम्स का विकास और भोजपुर में बनेगा 'इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क'

इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास योजनाओं के तहत कैबिनेट ने दरभंगा एम्स परिसर की मिट्टी भराई और समतलीकरण का महत्वपूर्ण कार्य जल संसाधन विभाग को सौंपने का निर्णय लिया है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी। वहीं दूसरी ओर, मत्स्य पालन और जलीय कृषि को बढ़ावा देने के लिए भोजपुर जिले में ₹31.20 करोड़ की लागत से एक आधुनिक 'इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क' स्थापित करने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, कैमूर जिले में डेयरी एवं दुग्ध उत्पादन संयंत्र की स्थापना के लिए 7 एकड़ जमीन बिना किसी शुल्क के (निःशुल्क) हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को भी पास किया गया है।


उद्योग और निवेश: बक्सर में वरुण बेवरेजेज की बड़ी परियोजना और मधुबनी में साइलो निर्माण

राज्य में औद्योगिक निवेश को रफ्तार देते हुए नीतीश कैबिनेट ने बक्सर में वरुण बेवरेजेज लिमिटेड की ₹483.51 करोड़ की भारी-भरकम परियोजना को वित्तीय प्रोत्साहन देने की मंजूरी दी है, जिससे स्थानीय स्तर पर करीब 400 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही, किसानों की सहूलियत के लिए मधुबनी में 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता का अनाज भंडारण साइलो (Silo) बनाने के लिए ₹83.25 करोड़ के निजी निवेश को हरी झंडी दी गई है। वहीं, 'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना' के तहत ₹164.51 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें नए उद्यमियों को 35 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा।


रोजगार और प्रशासनिक सुधार: नबीनगर में नया आईटीआई और बीपीएससी से होगी सीडीपीओ भर्ती

युवाओं को रोजगार से जोड़ने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए औरंगाबाद के नबीनगर में एक नया आईटीआई (ITI) खोलने की मंजूरी दी गई है, जहाँ 5 ट्रेडों में प्रशिक्षण शुरू होगा और 38 नए पद सृजित किए जाएंगे। इसके अलावा, बिहार कौशल विकास मिशन में भी 19 नए पदों के सृजन को स्वीकृति मिली है। प्रशासनिक स्तर पर, समाज कल्याण विभाग के तहत सीडीपीओ (CDPO) के खाली पड़े पदों को जल्द भरने के लिए भर्ती नियमों में संशोधन किया गया है, जिससे अब बीपीएससी (BPSC) के माध्यम से सीधी नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही, जिला स्तर पर ई-गवर्नेंस सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 'बिहार सूचना प्रौद्योगिकी सेवा नियमावली' के गठन को भी मंजूरी दे दी गई है।

 

अभिजीत की  रिपोर्ट