बिहार में उच्च शिक्षा को बड़ा बूस्ट: 5 नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और संचालन को कैबिनेट से मिली मंजूरी
बिहार में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और छात्रों के पलायन को रोकने के लिए सम्राट सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट द्वारा बिहार के पांच अलग-अलग जिलों में 5 नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और उनके संचालन को मंजूरी दी
Patna : बिहार में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और छात्रों को राज्य में ही बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान करने की दिशा में सम्राट सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य कैबिनेट द्वारा बिहार के विभिन्न जिलों में 5 नए निजी (प्राइवेट) विश्वविद्यालयों की स्थापना और उनके संचालन को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। सरकार के इस फैसले से राज्य के युवाओं को उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मधुबनी और सिवान को मिली नए विश्वविद्यालयों की सौगात
स्वीकृत प्रस्तावों के अनुसार, मिथिलांचल के प्रमुख केंद्र मधुबनी में 'शांजा विश्वविद्यालय' की स्थापना और संचालन को हरी झंडी दे दी गई है, जिससे इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को काफी सहूलियत होगी। इसके साथ ही, सिवान जिले में भी एक नए निजी विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इन विश्वविद्यालयों के खुलने से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में उच्च शिक्षा की पहुंच बेहद आसान हो जाएगी।
नवादा और पटना में भी स्थापित होंगे उच्च शिक्षण संस्थान
दक्षिण बिहार के नवादा जिले के अशोक नगर में 'एस.ए. विश्वविद्यालय' की स्थापना और संचालन को कैबिनेट से हरी झंडी मिल गई है। वहीं दूसरी ओर, शिक्षा के बड़े हब के रूप में उभर रही प्रांतीय राजधानी पटना में 'हिमालय विश्वविद्यालय' की स्थापना को मंजूरी दी गई है। पटना में नए विश्वविद्यालय के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
औरंगाबाद के जसोइया मोड़ पर खुलेगा सीतयोग विश्वविद्यालय
कैबिनेट के फैसले के तहत औरंगाबाद जिले के जसोइया मोड़ पर 'सीतयोग विश्वविद्यालय' की स्थापना और उसके संचालन को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। यह विश्वविद्यालय इस क्षेत्र में व्यावसायिक, तकनीकी और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं के कौशल विकास (Skill Development) को बल मिलेगा।
शिक्षा के पलायन पर लगेगी रोक, इंफ्रास्ट्रक्चर होगा मजबूत
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में एक साथ पांच नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी मिलने से राज्य से होने वाले 'स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' और निजी खर्च के जरिए छात्रों के पलायन पर काफी हद तक रोक लगेगी। सरकार का लक्ष्य इन विश्वविद्यालयों के माध्यम से राज्य के सकल नामांकन अनुपात (GER) को सुधारना और अंतरराष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक माहौल तैयार करना है। इन सभी संस्थानों को बिहार निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के कड़े मानकों के तहत संचालित किया जाएगा।