बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 30 नवंबर से, पेश होगा अनुपूरक बजट
विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, सत्र के पहले दिन 30 नवंबर को सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होगी। 4 दिसंबर तक चलेगा।
Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की तारीख और कार्यक्रम तय हो गया है। 18वीं बिहार विधानसभा का चौथा सत्र 30 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक चलेगा। पांच दिनों के इस सत्र में सदन की कुल पांच बैठकें होंगी। इस दौरान राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश करेगी। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण सरकारी विधेयकों और अन्य कार्यों को सदन की मंजूरी दिलाने की तैयारी है।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने संविधान के अनुच्छेद 174 के तहत बिहार विधानसभा का सत्र आहूत किया है। विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, सत्र के पहले दिन 30 नवंबर को सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होगी।
पहले दिन पेश होगा द्वितीय अनुपूरक बजट
सत्र के पहले दिन कई महत्वपूर्ण संसदीय कार्य निपटाए जाएंगे। यदि किसी सदस्य का शपथ ग्रहण या प्रतिज्ञान शेष होगा तो उसकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके साथ ही पिछले सत्र के बाद राज्यपाल की ओर से जारी अध्यादेशों की प्रमाणित प्रतियां सदन के पटल पर रखी जाएंगी। इसी दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 का द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी भी पेश किया जाएगा। सदन में दिवंगत व्यक्तियों के प्रति शोक प्रकाश किया जाएगा। अनुपूरक बजट के जरिए सरकार चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न विभागों और योजनाओं के लिए जरूरी अतिरिक्त खर्च की मंजूरी मांगेगी।
1 और 2 दिसंबर को सरकारी विधेयकों पर चर्चा
शीतकालीन सत्र के दूसरे और तीसरे दिन यानी 1 और 2 दिसंबर को राजकीय विधेयकों तथा अन्य सरकारी कार्यों को निपटाया जाएगा। इन दोनों दिनों में सरकार की ओर से सदन में पेश किए जाने वाले विधेयकों पर चर्चा और आवश्यक विधायी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
3 दिसंबर को अनुपूरक बजट पर मतदान
सत्र का चौथा दिन वित्तीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा। 3 दिसंबर को द्वितीय अनुपूरक बजट पर सदन में विस्तार से चर्चा होगी। चर्चा के बाद बजट पर मतदान कराया जाएगा। इसके साथ ही अनुपूरक बजट से संबंधित विनियोग विधेयक भी सदन में पेश किया जाएगा और उस पर संसदीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अंतिम दिन गैर सरकारी संकल्पों पर चर्चा
4 दिसंबर को सत्र के अंतिम दिन गैर सरकारी सदस्यों के कार्य यानी गैर सरकारी संकल्पों पर चर्चा होगी। इस दिन विधायक अपने संकल्प सदन में रख सकेंगे। विधानसभा सचिवालय ने इसके लिए सूचना देने की प्रक्रिया और समय-सीमा भी निर्धारित की है। एक सदस्य को एक दिन में एक से अधिक गैर सरकारी संकल्पों की सूचना देने की अनुमति नहीं होगी।
विधायकों के सवालों के लिए अलग से जारी होगी सूची
सत्र के दौरान विधायकों की ओर से पूछे जाने वाले सवालों के लिए चक्रानुक्रम की सारणी अलग से जारी की जाएगी। अल्पसूचित और तारांकित प्रश्नों की प्राथमिकता पहले की तरह शलाका यानी लॉटरी के माध्यम से तय होगी। कुल मिलाकर पांच दिनों का यह सत्र सरकार के लिए अनुपूरक बजट और विधायी कामकाज पूरा करने के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा। वहीं विपक्ष को भी विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने और सदन में सवाल उठाने का अवसर मिलेगा।