Bihar Education News: बिहार के स्कूलों की बदलेगी सूरत, बन रहे नए क्लासरूम- लाइब्रेरी-लैब, शिक्षा विभाग की बड़ी घोषणा

Bihar Education News: बिहार में सरकारी विद्यालयों की सूरत बदलने और छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में शिक्षा विभाग ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने का दावा किया है। ...

Bihar Completes 1627 School Projects
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर- फोटो : reporter

Bihar Education News: बिहार में सरकारी विद्यालयों की सूरत बदलने और छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में शिक्षा विभाग ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने का दावा किया है। समग्र शिक्षा अभियान और पीएमश्री योजना के तहत राज्यभर के सरकारी स्कूलों में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में अब तक 1,627 योजनाओं का काम पूरा हो चुका है, जबकि 3,312 लंबित योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। बीते एक महीने में निर्माण कार्यों के मद में करीब 45 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों को लंबित योजनाओं का काम जल्द पूरा करने और भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया था। इसके बाद विद्यालयों में चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों की समीक्षा कर उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

221 अतिरिक्त कक्षों का निर्माण पूरा

बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अभिषेक पलासिया के मुताबिक, विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्कूलों में अतिरिक्त कमरों के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। अक्टूबर में अब तक सबसे अधिक 221 अतिरिक्त कक्षों का निर्माण पूरा किया गया। इन कार्यों के एवज में 9 करोड़ 73 लाख 44 हजार 61 रुपये का भुगतान किया गया है।अतिरिक्त कक्षों के तैयार होने से विद्यालयों में पढ़ाई के लिए जगह की कमी दूर करने में मदद मिलेगी। इससे विद्यार्थियों को बैठने की बेहतर सुविधा मिलने के साथ कक्षाओं के संचालन में भी सहूलियत होगी।

प्रयोगशाला और लाइब्रेरी की सुविधाओं का विस्तार

सरकारी स्कूलों में विज्ञान की पढ़ाई को व्यावहारिक बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रयोगशालाओं के निर्माण पर भी काम किया गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार, दो प्रयोगशालाओं के निर्माण के लिए 9 लाख 58 हजार 347 रुपये का भुगतान किया गया। वहीं, दो संयुक्त अतिरिक्त कक्ष एवं लैब के निर्माण के मद में 18 लाख 93 हजार 544 रुपये दिए गए हैं।विद्यार्थियों में अध्ययन की रुचि बढ़ाने और पढ़ने की आदत विकसित करने के उद्देश्य से दो लाइब्रेरी रूम भी तैयार किए गए हैं। इनके लिए 9 लाख 55 हजार 57 रुपये का भुगतान हुआ है। इसके अलावा, तकनीकी और रचनात्मक कौशल को बढ़ावा देने के लिए दो आर्ट, क्राफ्ट एवं कंप्यूटर कक्षों के निर्माण पर 11 लाख 16 हजार 489 रुपये खर्च किए गए हैं।

शौचालय निर्माण पर भी विशेष जोर

विद्यालयों में स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए शौचालय निर्माण की योजनाओं पर भी काम हुआ है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, बालक-बालिकाओं के लिए संयुक्त रूप से बनाए गए 54 शौचालयों के मद में 1 करोड़ 28 लाख 5 हजार 231 रुपये का भुगतान किया गया है।

इसके अलावा, 12 नए बालिका शौचालयों के लिए 47 लाख 33 हजार 770 रुपये और सात बालक शौचालयों के निर्माण के लिए 28 लाख 56 हजार रुपये का भुगतान किया गया। अन्य 39 शौचालयों के निर्माण कार्यों के एवज में 1 करोड़ 15 लाख 43 हजार 384 रुपये की राशि भी जारी की गई है।विद्यालयों के पुराने भवनों की मरम्मत और जीर्णोद्धार पर भी ध्यान दिया गया है। दो मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्यों के लिए 9 लाख 34 हजार 579 रुपये का अंतिम भुगतान किया गया।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

शिक्षा विभाग का मानना है कि इन योजनाओं से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। अतिरिक्त कक्षों से पढ़ाई के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराने, प्रयोगशालाओं से विज्ञान की व्यावहारिक समझ विकसित करने और पुस्तकालयों व कंप्यूटर कक्षों से आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

वहीं, छात्राओं के लिए अलग शौचालयों की सुविधा उनकी स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकती है। इससे विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति बनाए रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, योजनाओं का वास्तविक असर निर्माण की गुणवत्ता, सुविधाओं के नियमित इस्तेमाल और शिक्षण व्यवस्था में उनके प्रभावी संचालन पर निर्भर करेगा।

ब्यूरो रिपोर्ट