खजाना खाली नहीं है तो ठेकेदारों को पैसा क्यों नहीं दे रहे... विधानसभा में राजद ने सम्राट सरकार को घेरा तो वित्त मंत्री ने बताई वजह

राजद के कुमार सर्वजीत ने सवाल उठाया कि अगर बिहार में वित्तीय संकट नहीं है, तो संवेदकों के बकाये का भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है?

Bihar Financial Crisis Row
Bihar Financial Crisis Row- फोटो : news4nation

Bihar Vidhan Sabha :  बिहार विधानसभा में गुरुवार को राज्य की आर्थिक स्थिति और कथित वित्तीय संकट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी पर चर्चा के दौरान RJD विधायक कुमार सर्वजीत ने NDA सरकार पर राज्य के खजाने को लेकर गंभीर सवाल उठाए। वहीं, वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बिहार में किसी तरह का वित्तीय संकट नहीं है और सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं है। 


कुमार सर्वजीत ने आरोप लगाया कि राज्य के संवेदकों को पिछले दो वर्षों से भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार लगातार अपने लंबित बिलों के भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बिहार में वित्तीय संकट नहीं है, तो संवेदकों के बकाये का भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है?  इस पर वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि जिन ठेकेदारों ने समय पर सही रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज जमा किए हैं, उन्हें भुगतान किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैसे की कोई कमी नहीं है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस मामले को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं रखा जाना चाहिए।


‘बिहार सबसे ज्यादा राजस्व घाटे वाला राज्य’ 

बहस के दौरान कुमार सर्वजीत ने सरकार पर वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार देश में सबसे अधिक राजस्व घाटे वाले राज्यों में शामिल है और राज्य गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है। RJD विधायक ने आरोप लगाया कि पेंशन भुगतान के लिए आकस्मिक निधि से 36,662 करोड़ रुपये निकाले गए और इसके लिए सदन से अनुमति भी नहीं ली गई। 


इस पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि आपदा या किसी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल राहत देने के लिए आकस्मिक निधि का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा राहत कोष और आकस्मिक निधि अलग-अलग होते हैं। विजय चौधरी के जवाब पर कुमार सर्वजीत ने तंज कसते हुए कहा कि वह यही सुनना चाहते थे कि सरकार खुद मान रही है कि राज्य में वित्तीय संकट है।


छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर भी सरकार पर हमला

विधानसभा में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठा। कुमार सर्वजीत ने कहा कि “अगर आज सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होते तो सड़क पर छात्रों की पिटाई नहीं होती।” उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई और सदन में जोरदार टोका-टोकी हुई। मामले में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि घटना से जुड़े CCTV फुटेज की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


ग्लोबल टेंडर पर भी सरकार को घेरा

कुमार सर्वजीत ने सरकार की टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि ग्लोबल टेंडर किसने तैयार किया और अब बिहार के स्थानीय ठेकेदारों की चिंता क्यों की जा रही है। उन्होंने सरकार से राज्य के संवेदकों के लंबित भुगतान और वित्तीय प्रबंधन को लेकर स्पष्ट जवाब मांगा। 

रंजन की रिपोर्ट