Bihar fuel saving: बिहार में ‘नो व्हीकल डे’ की तैयारी, PM मोदी की अपील का दिखा असर, सम्राट सरकार ने शुरू किया बड़ा अभियान
Bihar fuel saving: पीएम मोदी की अपील के बाद बिहार सरकार का बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ईंधन बचाने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की है
Bihar fuel saving: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोलियम उत्पादों की बचत करने की अपील के बाद बिहार सरकार ने ईंधन की खपत कम करने को लेकर कई बड़े कदम उठाने की घोषणा की है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डीजल और पेट्रोल की बचत को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री के कारकेड में गाड़ियों की संख्या कम रखने का फैसला लिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे अनावश्यक ईंधन खर्च कम होगा।
इसके साथ ही मंत्रियों, निगम और बोर्ड के अध्यक्षों, सदस्यों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में अतिरिक्त वाहनों का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई है।बिहार सरकार ने आम लोगों से भी सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करने को कहा है। लोगों से मेट्रो, बस, ऑटो और अन्य सार्वजनिक सेवाओं का उपयोग बढ़ाने की अपील की गई है ताकि ईंधन की बचत हो सके और प्रदूषण कम किया जा सके।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने डीजल, पेट्रोल की बचत के लिए वाहनों के कम से कम उपयोग करने की अपील की है। इसे लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) May 13, 2026
• मुख्यमंत्री कारकेड में वाहनों की संख्या कम अथवा न्यूनतम करने का निर्णय लिया है।
• माननीय मंत्री गण, निगम बोर्ड…
बिहार सरकार का विभागों को निर्देश
बिहार सरकार ने सभी विभागों को यह निर्देश भी दिया है कि ज्यादा से ज्यादा सरकारी बैठकें और कॉन्फ्रेंस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएं। सरकार का मानना है कि इससे यात्रा कम होगी और पेट्रोल-डीजल की बचत होगी।मुख्यमंत्री ने सरकारी दफ्तरों की कैंटीनों में पाम ऑयल का सीमित उपयोग करने का भी निर्देश दिया है। इसके अलावा सरकारी और निजी दफ्तरों में ‘वर्क फ्रॉम होम’ संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है। सम्राट चौधरी ने लोगों से सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की भी अपील की है। उनका कहना है कि इससे ईंधन बचाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य सिर्फ पेट्रोल और डीजल की बचत करना नहीं बल्कि लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना भी है। आने वाले दिनों में इन फैसलों को लेकर अलग-अलग विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।