Waqf Amendment Bill: वक्फ संसोधन विधेयक पर बिहार जदयू नेता कासिम अंसारी ने दिया इस्तीफा, कहा-'मुझे अफसोस है कि मैंने अपनी जिंदगी के कई साल'

बिहार जदयू नेता कासिम अंसारी ने वक्फ संसोधन विधेयक 2024 के खिलाफ इस्तीफा दे दिया। जानें, इस्तीफा पत्र में उन्होंने क्या कहा और क्यों यह विवाद बढ़ रहा है।

Waqf Amendment Bill: वक्फ संसोधन विधेयक पर बिहार जदयू नेता क
Qasim Ansari - फोटो : social media

Waqf Amendment Bill: बिहार की राजनीति में वक्फ संसोधन विधेयक 2025 को लेकर घमासान मचा हुआ है। इस विधेयक के विरोध में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता कासिम अंसारी ने इस्तीफा दे दिया।कासिम अंसारी पूर्वी चंपारण जिला चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रवक्ता थे। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा सौंप दिया।

हालांकि, उनके इस्तीफे के साथ एक विधायक के इस्तीफे की अफवाह भी तेजी से वायरल हो गई। लेकिन सच्चाई यह है कि कासिम अंसारी पिछले चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ढाका विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे और उन्हें मात्र 499 वोट मिले थे।

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वक्फ संसोधन विधेयक पर विवाद क्यों?

वक्फ संसोधन विधेयक 2024 को लेकर देशभर में मुस्लिम संगठनों और कई नेताओं द्वारा विरोध जताया जा रहा है।इस बिल में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों से जुड़ी कुछ कानूनी बदलाव किए गए हैं, जिन्हें कई मुस्लिम नेता समुदाय के अधिकारों के खिलाफ मान रहे हैं। जदयू ने लोकसभा में इस बिल का समर्थन किया, जिससे कई मुस्लिम नेताओं को गहरा धक्का लगा। कासिम अंसारी समेत कई मुस्लिम कार्यकर्ता और नेता इस विधेयक को समुदाय के खिलाफ मानते हैं।

क्या लिखा कासिम अंसारी ने इस्तीफा पत्र में?

कासिम अंसारी ने अपने त्यागपत्र में जदयू नेतृत्व पर मुस्लिम समुदाय को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि हम जैसे लाखों-करोड़ों भारतीय मुसलमानों का अटूट विश्वास था कि आप सेक्यूलर विचारधारा के ध्वजवाहक हैं, लेकिन अब यह यकीन टूट गया है। वक्फ बिल संसोधन अधिनियम 2024 को लेकर जदयू के स्टैंड से हम आहत हैं। लोकसभा में जदयू नेता ललन सिंह ने जिस तरह इस बिल का समर्थन किया, उससे हम मर्माहत हैं। यह बिल भारतीय मुसलमानों के मौलिक अधिकारों का हनन करता है और पसमांदा समाज के खिलाफ भी है। मुझे अफसोस है कि मैंने अपनी जिंदगी के कई साल इस पार्टी को दिए। इसलिए मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे रहा हूं।" बता दें कि कासिम अंसारी ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में ढाका सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।

उम्मीदवार का नाम    पार्टी    प्राप्त वोट

पवन कुमार जायसवाल    बीजेपी    99,792

फैसल रहमान    राजद    89,678

कासिम अंसारी    निर्दलीय    499

यह आंकड़े बताते हैं कि कासिम अंसारी का राजनीतिक प्रभाव ज्यादा नहीं था। लेकिन उनका इस्तीफा इसलिए चर्चा में आ गया क्योंकि उन्होंने इसे सीधे मुख्यमंत्री को संबोधित किया।

जदयू का क्या है स्टैंड?

जदयू ने लोकसभा में वक्फ संसोधन विधेयक का समर्थन किया, जिसके कारण मुस्लिम समाज में नाराजगी देखी जा रही है।पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद ललन सिंह ने इस विधेयक का समर्थन किया।जदयू का मानना है कि इस बिल से वक्फ संपत्तियों का सही प्रबंधन होगा।दूसरी ओर, विरोध करने वाले नेताओं का मानना है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ाने का प्रयास है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

राजद और कांग्रेस ने जदयू को घेरते हुए कहा कि नीतीश कुमार की पार्टी अब पूरी तरह से बीजेपी के एजेंडे पर काम कर रही है।ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी इस विधेयक का विरोध किया और इसे मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बताया।सोशल मीडिया पर कई मुस्लिम कार्यकर्ताओं ने #RejectWaqfBill ट्रेंड कराते हुए इस कानून का विरोध किया।