Bihar Marriage registration: बिहार में शादी का रजिस्ट्रेशन कराना हुआ एकदम आसान, अब लाइन में नहीं लगना होगा, प्रक्रिया, खर्च और क्या कागज चाहिए, जानें

नीतीश कुमार सरकार ने विवाह निबंधन की प्रक्रिया को सरल बनाकर सुशासन के अपने दावे को फिर एक बार सियासी तर्क में तब्दील कर दिया है।

Bihar Marriage registration: बिहार में शादी का रजिस्ट्रेशन क
बिहार में शादी का रजिस्ट्रेशन कराना हुआ एकदम आसान- फोटो : X

Bihar Marriage registration: बिहार की सियासत में जहां अक्सर वादों और हकीकत के बीच फासला दिखता है, वहीं नीतीश कुमार सरकार ने विवाह निबंधन की प्रक्रिया को सरल बनाकर सुशासन के अपने दावे को फिर एक बार सियासी तर्क में तब्दील कर दिया है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत ई-निबंधन व्यवस्था को इतना सुगम बना दिया है कि अब आम जनता को दफ्तरों की देहरी पर माथा टेकने या बाबूशाही की मेहरबानी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

विभाग ने सभी जिला अवर निबंधक और अवर निबंधकों को सख्त हिदायत दी है कि ऑनलाइन प्राप्त विवाह निबंधन आवेदनों पर फौरन कार्रवाई हो और तय वक्त में ही प्रमाण-पत्र जारी किया जाए। साफ अल्फ़ाज़ में कहा गया है कि किसी भी तरह की तामझाम, टालमटोल या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह आदेश अपने आप में अफसरशाही के सुस्त रवैये पर सियासी चाबुक की तरह है।

विभागीय सचिव अजय यादव ने ऐलान किया कि ई-निबंधन जनता की सहूलियत के लिए है, न कि कर्मचारियों की मनमानी के लिए। अब ऑनलाइन आवेदन करने वाले पक्षकारों से किसी भी तरह के भौतिक कागजात या शपथ-पत्र की मांग नहीं की जाएगी। कर्मचारी रोजाना आवेदनों की जांच करेंगे और अगर कोई कमी होगी तो उसे ऑनलाइन ही दुरुस्त करने के लिए वापस भेजेंगे। यानी भ्रष्टाचार की गुंजाइश और सिफारिश की संस्कृति दोनों पर सीधी चोट।

नीतीश सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल निजाम में ढालते हुए फीस और अपॉइंटमेंट की व्यवस्था भी पारदर्शी कर दी है। आवेदक घर बैठे https://enibandhan.bihar.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। पहले चरण में 100 रुपये और प्रमाण-पत्र के लिए 350 रुपये का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। तारीख, समय और नजदीकी कार्यालय चुनने का अधिकार भी आवेदक के हाथ में है। अपॉइंटमेंट वाले दिन दोनों पक्ष तीन गवाहों के साथ कार्यालय पहुंचेंगे, फोटो खिंचेगी और हाथों-हाथ प्रमाण-पत्र मिल जाएगा।

हर कदम पर एसएमएस से सूचना, ऑनलाइन स्टेटस चेक की सुविधा और तय समय में सेवा यह पहल सिर्फ प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि आने वाले चुनावी मौसम में सुशासन का मजबूत सियासी नैरेटिव भी है।