Bihar MLC Election: MLC चुनाव में मचेगा घमासान,पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह का खुला दांव, PK की एंट्री से 8 सीटों का उलझा गणित

Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। ....

Bihar MLC Polls Heat Up as Anant Singh
MLC चुनाव में मचेगा घमासान- फोटो : reporter

Bihar MLC Election:  बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इनमें 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को खत्म हो रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग इसी महीने चुनाव कार्यक्रम का ऐलान कर सकता है। चुनाव से पहले ही पटना स्नातक सीट सबसे हॉट सीट बन गई है।

जदयू विधायक अनंत सिंह ने मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार के खिलाफ खुला राजनीतिक दांव चल दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि वह नीरज कुमार का साथ नहीं देंगे और डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देंगे। अनंत सिंह का दावा है कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के 26 विधानसभा क्षेत्रों में उनके समर्थक अनुज सिंह के साथ खड़े हैं। इससे चुनाव से पहले ही JDU के भीतर सियासी खींचतान की चर्चा शुरू हो गई है।

हालांकि, अनंत सिंह का समर्थन वोट में कितना तब्दील होगा, यह सबसे बड़ा सवाल है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव विधानसभा चुनाव से बिल्कुल अलग होता है। यहां सिर्फ पात्र स्नातक मतदाता वोट करते हैं। लिहाजा विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक प्रभाव और स्नातक मतदाताओं के बीच वास्तविक पकड़ एक ही बात नहीं है।

नीरज कुमार के पास चुनावी अनुभव और संगठनात्मक नेटवर्क की ताकत है। लेकिन इस बार मुकाबला बहुकोणीय होता दिखाई दे रहा है। एक तरफ संगठन और मौजूदा एमएलसी का अनुभव है, तो दूसरी ओर अनंत सिंह के समर्थन से डॉ. अनुज सिंह मैदान में हैं। यदि जन सुराज ने मजबूत उम्मीदवार उतारा तो वोटों के बिखराव से चुनावी गणित और पेचीदा हो सकता है।

प्रशांत किशोर की जन सुराज भी विधान परिषद की सभी 8 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। कुछ सीटों पर प्रत्याशियों के नाम लगभग तय होने की चर्चा है। सारण और तिरहुत में पार्टी की तैयारियां तेज हैं, जबकि पटना, कोसी और दरभंगा को लेकर मंथन जारी है।जन सुराज के लिए असली परीक्षा स्नातक मतदाताओं और शिक्षक संगठनों के बीच अपनी पकड़ साबित करना होगी। एक-दो सीटों पर मजबूत प्रदर्शन पार्टी के संगठनात्मक विस्तार का बड़ा संकेत माना जा सकता है।

तिरहुत स्नातक सीट पर मौजूदा MLC वंशीधर ब्रजवासी भी अहम चेहरे हैं। शिक्षा और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर मुखर रहने के कारण उनकी अपनी राजनीतिक पहचान बनी है। यदि शिक्षक ट्रांसफर, पोस्टिंग, प्रमोशन और सेवा शर्त जैसे मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में आते हैं, तो ब्रजवासी को अपने पुराने मुद्दों के आधार पर समर्थन जुटाने का मौका मिलेगा।चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में इस बार शिक्षक ट्रांसफर-पोस्टिंग बड़ा मुद्दा बन सकता है। इसके अलावा वेतन, प्रमोशन, सेवा शर्त, रिक्त पद, शिक्षक-छात्र अनुपात और शिक्षा विभाग की नीतियां भी मतदाताओं के फैसले को प्रभावित कर सकती हैं।

कुल मिलाकर परिषद की इन 8 सीटों पर मुकाबला सिर्फ दलों का नहीं, बल्कि व्यक्तिगत प्रभाव, संगठन, शिक्षक असंतोष और नए राजनीतिक प्रयोगों का भी होगा। पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह के दांव और जन सुराज की एंट्री ने चुनावी पारा अभी से चढ़ा दिया है।