मतदाता सूची में गड़बड़ी के कारण 11 पैक्सों का चुनाव स्थगित, गाँव की सियासत का महासंग्राम! 29 जिलों में PACS चुनावकुर्सी की जंग के बीच MSP पर खरीद ठप
Bihar PACS election 2026: 29 जिलों में 363 प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के लिए मतदान का बिगुल बज चुका है। मतदान कल यानी सोमवार को होगा।
Bihar PACS election 2026: बिहार की जमीनी सियासत आज एक नए इम्तिहान से गुजर रही है, जहाँ 29 जिलों में 363 प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) के लिए मतदान का बिगुल बज चुका है। मतदान कल यानी सोमवार को होगा। यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि गांव की सत्ता, संसाधन और प्रभाव की जंग है जहाँ हर वोट के पीछे सियासी समीकरण और स्थानीय वर्चस्व की कहानी छिपी है।
प्रशासन ने इस लोकल पॉलिटिकल बैटल को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए कमर कस ली है। राजधानी पटना में बुद्ध मार्ग स्थित सहकार भवन को हेल्पलाइन सह कंट्रोल रूम में तब्दील कर दिया गया है, जहाँ चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार के संयुक्त सचिव कयूम अंसारी के मुताबिक मतदाता सूची में गड़बड़ियों के चलते 11 पैक्सों का चुनाव फिलहाल स्थगित कर दिया गया है
तीन पालियों में तैनात कर्मी सुबह से लेकर रात तक हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। जिलाधिकारी का सख्त पैगाम साफ है ड्यूटी में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी, वरना कार्रवाई तय है।
मगर इस चुनावी हलचल का असर खेत-खलिहानों तक साफ दिख रहा है। PACS की व्यस्तता के चलते रबी फसलों की सरकारी खरीद की रफ्तार थम सी गई है। मसूर, चना और तिलहन की खरीद जहां अभी तक पटरी पर नहीं आ पाई, वहीं गेहूं की खरीद भी नाममात्र की रह गई है। दिलचस्प यह है कि पहली बार MSP पर इन फसलों की खरीद का ऐलान हुआ, लेकिन चुनावी व्यस्तता ने इस किसान-हितैषी एजेंडा की रफ्तार को धीमा कर दिया है।पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, पूर्णिया जैसे अहम जिलों में मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वहीं किसी भी गड़बड़ी, धांधली या दबाव की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 7979951297 जारी किया गया है।
कुल मिलाकर, यह चुनाव सिर्फ PACS के पदाधिकारियों के चयन का मामला नहीं, बल्कि ग्रामीण सत्ता संतुलन, कृषि अर्थव्यवस्था और सियासी पकड़ की असली परीक्षा बन चुका है जहाँ हर नतीजा आने वाले वक्त की राजनीति का रास्ता तय करेगा।