ड्राइवर और कंडक्टर की योग्यता अब एक समान, बिहार सरकार ने लागू किया नया नियम

बिहार में अब बस कंडक्टर बनना और भी आसान होगा। परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कंडक्टर लाइसेंस के लिए अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता को 'मैट्रिक' से घटाकर '8वीं पास' कर दिया है।

ड्राइवर और कंडक्टर की योग्यता अब एक समान, बिहार सरकार ने लाग

Patna - : बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने बस कंडक्टर (संवाहक) बनने के इच्छुक युवाओं के लिए एक बड़ी राहत दी है। विभाग ने कंडक्टर लाइसेंस के लिए अनिवार्य न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता में बदलाव करते हुए इसे घटा दिया है। अब राज्य में कंडक्टर लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदक का 10वीं के बजाय केवल 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा।

नियमों में बदलाव की मुख्य वजह परिवहन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, मोटरयान अधिनियम 1988 और बिहार मोटरगाड़ी नियमावली 1992 के प्रावधानों के तहत ड्राइविंग लाइसेंस और कंडक्टर लाइसेंस जारी किए जाते हैं। हालिया आंकड़ों की समीक्षा में यह पाया गया कि ड्राइविंग लाइसेंस की तुलना में कंडक्टर लाइसेंस जारी होने की संख्या काफी कम है।

इस विसंगति का मुख्य कारण शैक्षणिक योग्यता का अंतर था। पहले ड्राइवर बनने के लिए 8वीं पास होना पर्याप्त था, जबकि कंडक्टर के लिए 10वीं पास होना अनिवार्य था। इसी विसंगति को दूर करने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है।

योग्यता में किया गया सुधार प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया है कि अब "माध्यमिक विद्यालय परीक्षा" (10वीं कक्षा) की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। इसके स्थान पर अब "आठवीं कक्षा में उत्तीर्ण" होना ही कंडक्टर लाइसेंस के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मानी जाएगी।

आम जनता और आवेदकों को लाभ सरकार के इस कदम से उन युवाओं को सीधा फायदा होगा जो कम शिक्षा के कारण कंडक्टर लाइसेंस नहीं बनवा पा रहे थे। योग्यता के इस सरलीकरण से न केवल स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि परिवहन सेवाओं में कंडक्टरों की कमी को भी पूरा किया जा सकेगा। अब ड्राइविंग और कंडक्टर दोनों तरह के लाइसेंस के लिए शैक्षणिक योग्यता का स्तर एक समान कर दिया गया है।