बिहार परिवहन विभाग का बड़ा फैसला: होमगार्डों की सेवा 30 सितंबर तक होगी वापस, DTO को मिला कड़ा निर्देश
बिहार परिवहन विभाग ने 247 अतिरिक्त होमगार्डों की सेवा वापस करने का आदेश दिया है। 30 सितंबर तक प्रक्रिया पूरी करने और बकाया मानदेय भुगतान का निर्देश जारी। अक्टूबर से अतिरिक्त बलों को भुगतान करने पर सीधी जवाबदेही DTO की होगी।
बिहार के परिवहन विभाग ने राज्य के जिला परिवहन कार्यालयों (DTO) में तैनात गृह रक्षकों (होमगार्ड) के मानदेय भुगतान और आवश्यकता से अधिक कार्यरत होमगार्डों को वापस भेजने को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक आदेश जारी किया है। राज्य परिवहन आयुक्त द्वारा सभी जिला परिवहन अधिकारियों को जारी पत्र के अनुसार, विभागीय समीक्षा में पाया गया है कि कतिपय जिलों में स्वीकृत पदों और आवश्यकता से काफी अधिक होमगार्ड तैनात हैं। इसके कारण न केवल सरकारी राजस्व का अनपेक्षित अपव्यय हो रहा है, बल्कि समय पर मानदेय न मिलने से सरकार पर वित्तीय बोझ भी बढ़ रहा है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वाहनों के अवैध परिचालन, ओवरलोडिंग की जांच तथा शमन (फाइन) कार्यों में प्रवर्तन तंत्र (DTO, ADTO, MVI, EI, ESI) के सहयोग के लिए जिला गृह रक्षा वाहिनी से होमगार्ड की सेवाएं ली गई थीं। वर्तमान में विभिन्न जिला परिवहन कार्यालयों में कुल 407 होमगार्ड मानदेय के आधार पर कार्यरत हैं। हालांकि, विभाग के अपने 'बिहार चलन्त दस्ता सिपाही संवर्ग' के 500 स्वीकृत पदों के विरुद्ध 335 सिपाही पहले से पदस्थापित हैं और शेष रिक्त पदों पर भी नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
समीक्षा के बाद विभाग ने निर्णय लिया है कि जहां पर्याप्त संख्या में चलन्त दस्ता सिपाही पदस्थापित हैं, वहां होमगार्ड की सेवा रखने की आवश्यकता नहीं है। जिलावार आकलन के अनुसार अब राज्य भर में केवल 160 होमगार्डों की ही आवश्यकता है। इसके परिणामस्वरूप आवश्यकता से अधिक तैनात 247 होमगार्डों की सेवाएं समाप्त कर उन्हें गृह रक्षा वाहिनी को वापस किया जाएगा।

परिवहन आयुक्त ने सभी जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अतिरिक्त होमगार्डों को 30 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से जिला समादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी को वापस करना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही यह सख्त आदेश दिया गया है कि अक्टूबर 2026 से इन अतिरिक्त होमगार्डों को किसी भी परिस्थिति में मानदेय का भुगतान नहीं किया जाएगा।
विभागीय पत्र में होमगार्डों के पिछले बकाये मानदेय का अविलंब भुगतान सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि उनका कोई दावा लंबित न रहे। यदि किसी जिले में बकाया भुगतान के लिए अतिरिक्त बजट या आवंटन की आवश्यकता है, तो उसके लिए तुरंत अनुरोध पत्र भेजने को कहा गया है।

विभाग ने यह चेतावनी भी दी है कि जिन जिलों में चलन्त दस्ता सिपाही पूर्ण रूप से तैनात हैं, वहां होमगार्ड की सेवा कतई न ली जाए। यदि तय सीमा से अधिक होमगार्डों को ड्यूटी पर रखा जाता है, तो उनके मानदेय के भुगतान की पूरी व्यक्तिगत जवाबदेही संबंधित जिला परिवहन अधिकारी (DTO) की होगी। इस आदेश को विभाग द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है।
पटना से धीरज पराशर की रिपोर्ट