Bihar Vidhansabaha Chunav 2025: चुनावी मौसम में गृहमंत्री अमित शाह करेंगे सौगातों की बारिश!मखाना प्रोसेसिंग सेंटर,जन औषधि केंद्र और छात्रावास का करेंगे उद्घाटन
Bihar Vidhansabaha Chunav 2025: बिहार में चुनाव की रणभेरी बजने में भले हीं कुछ महीने शेष हों लेकिन तमाम राजनीतिक दल तैयारी में अभी से जुट गए हैं. राजनीतिक जमीन को मजबूत करने के लिए 'नेताजी' बिहार में यात्रा कर रहे हैं या इसकी तैयारी में हैं।

Bihar Vidhansabaha Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव की अहमियत को भांपते हुए राजनीतिक दलों के प्रमुख नेता जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए यात्राओं पर निकल रहे हैं या इसकी तैयारी में जुटे हुए हैं।इसी क्रम गृह मंत्री अमित शाह बिहार में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन करने जा रहे हैं। उनका बिहार दौरा 29-30 मार्च 2025 को निर्धारित है, जिसमें वे विभिन्न सहकारी समितियों के लिए महत्वपूर्ण प्रमाण पत्रों का वितरण करेंगे। इस दौरान मखाना प्रोसेसिंग सेंटर का उद्घाटन भी किया जाएगा, जो दरभंगा में स्थित है।
मखाना जिसे फॉक्स नट भी कहा जाता है, बिहार में एक महत्वपूर्ण कृषि उत्पाद है। मखाना प्रोसेसिंग सेंटर किसानों को अपने उत्पादों का मूल्य संवर्धन करने में मदद करेगा। इससे किसानों को स्थायी बाजार और उचित मूल्य प्राप्त होगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। यह केंद्र मखाना उत्पादक किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन साबित होगा।
इसके अलावा,जन औषधि केंद्र का शुभारंभ भी केंद्रीय मंत्री अमित शाह करेंगे। यह केंद्र आम जनता को सस्ती दवाइयाँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ेगी और लोगों को आवश्यक दवाइयाँ आसानी से मिल सकेंगी।गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंध संस्थान पटना के नवनिर्मित छात्रावास का भी उद्घाटन किया जाएगा। यह छात्रावास छात्रों के लिए आवास की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे उन्हें अपनी शिक्षा पूरी करने में सहायता मिलेगी।
अमित शाह के दौरे के दौरान अन्य योजनाओं जैसे कि दुग्ध सहकारी समितियों को निबंधन प्रमाण पत्र वितरण और एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) को ऋण वितरण प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया भी शामिल होगी। इसके साथ ही, कॉमन सर्विस सेंटरों को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।बहरहाल राजनीतिक विश्लेषक कौशलेन्द्र प्रियदर्शी का कहना है कि देश में यात्राओं का दौर बहुत पहले से चल रहा है। जहां तक बिहार का संदर्भ है तो यहां की राजनीति में यात्रा सत्ता पाने और बचाने के लिए होती है। सियासत का मतलब यही है।