Bihar Vigilance Raid: पटना में 50 हजार घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ हेडमास्टर,जानिए पूरा कांड
पटना के सम्पतचक में छात्रों से मार्कशीट और CLC देने के नाम पर प्रति छात्र 400 रुपये कमीशन वसूल रहे हेडमास्टर कुणाल प्रियदर्शी को 50,000 रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।निगरानी की टीम ने स्कूल के ऑफिस में ही जाल बिछाकर आरोपी को दबोचा।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने पटना से सटे सम्पतचक इलाके में छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान एक उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय के हेडमास्टर कुणाल प्रियदर्शी को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी हेडमास्टर स्कूल के पास हो चुके छात्र-छात्राओं को उनका अंक प्रमाण पत्र (मार्कशीट) और कॉलेज लीविंग सर्टिफिकेट (CLC) देने के बदले इस राशि की वसूली कर रहा था।
प्रति छात्र 400 रुपये कमीशन वसूलने का था आरोप
इस पूरे भ्रष्टाचार का खुलासा तब हुआ जब सम्पतचक के गवसपुर निवासी अरुण कुमार सिंह ने निगरानी ब्यूरो के मुख्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 में स्कूल के कुल 152 छात्र उत्तीर्ण हुए थे, जिनसे आवश्यक कागजात देने के एवज में हेडमास्टर कुणाल प्रियदर्शी प्रति छात्र 400 रुपये के हिसाब से कमीशन मांग रहे थे। इस शिकायत की गुप्त जांच कराए जाने पर जब आरोप पूरी तरह सही पाए गए, तब निगरानी थाने में एफआईआर संख्या 076/26 के तहत मामला दर्ज किया गया।
स्कूल के ऑफिस में ही बिछाया गया जाल
आरोपी को पकड़ने के लिए निगरानी के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) विन्ध्याचल प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। मंगलवार को योजना के अनुसार जैसे ही शिकायतकर्ता स्कूल के दफ्तर (ऑफिस रूम) में पहुंचा और उसने हेडमास्टर कुणाल प्रियदर्शी को केमिकल लगे हुए 50,000 रुपये के नोट थमाए, वैसे ही वहां पहले से घात लगाकर बैठी निगरानी की विशेष टीम ने अचानक धावा बोल दिया और हेडमास्टर को रिश्वत के नोटों के साथ मौके पर ही दबोच लिया।
विशेष निगरानी अदालत में पेश करने की तैयारी
रंगे हाथों गिरफ्तारी की इस सफल कार्रवाई के बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी हेडमास्टर कुणाल प्रियदर्शी को पटना स्थित ब्यूरो मुख्यालय लेकर आई है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले से जुड़ी सभी आवश्यक कानूनी कागजी कार्रवाई और औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद आरोपी हेडमास्टर को पटना की विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा।
रिपोर्ट - रंजीत कुमार