Census 2027: बिहार में इस दिन से शुरु होगी जनगणना, अब सरकार पूछेगी आपके घर का 'सीक्रेट', किचन से लेकर कमाई तक पर नजर, DM के लिए गाइडलाइन जारी
Census 2027: बिहार में अब जनगणना के दौरान आपके निजी जीवन से जुड़े कई दिलचस्प और अहम सवाल पूछे जाएंगे। अब तक सिर्फ नाम और जाति पूछी जाती थी, लेकिन अब सरकार यह भी जानना चाहती है कि आपके घर के फैसले कौन लेता है और आपकी रसोई में क्या पकता है।
Census 2027: बिहार में होने वाली आगामी जनगणना को लेकर सरकार ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। इस बार की गणना केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आपके घर के भीतर की कार्यप्रणाली और जीवनशैली का भी लेखा-जोखा तैयार करेगी। सरकार द्वारा तैयार की गई नई प्रश्नावली में अब यह भी पूछा जाएगा कि घर की बागडोर महिला के हाथ में है या पुरुष के, और परिवार के खान-पान की आदतें क्या हैं। इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों के डीएम को गाइडलाइन जारी कर दी है।
17 अप्रैल से शुरु होगा जनगणना
इसके तहत 17 अप्रैल से 1 मई तक स्वगणना और 2 मई से 31 मई तक मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। इस बार जनगणना में यह भी दर्ज किया जाएगा कि परिवार की बागडोर स्त्री के हाथ में है या पुरुष के। साथ ही परिवार के भोजन में मुख्य अनाज क्या है, यह भी रिकॉर्ड किया जाएगा।
परिवार वालों से पूछे जाएंगे ये सवाल
जनगणना के दौरान घरों में उपलब्ध सुविधाओं और उपकरणों का भी ब्योरा लिया जाएगा। इसमें रेडियो, टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप-कंप्यूटर, मोबाइल फोन, साइकिल, दोपहिया और चारपहिया वाहन जैसी चीजों की जानकारी शामिल होगी। साथ ही मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा। स्वगणना के दौरान घर की बनावट से जुड़ी जानकारी जैसे फर्श, छत की सामग्री, घर का उपयोग, परिवार के सदस्यों की संख्या और एक घर में रहने वाले विवाहित परिवारों की संख्या भी दर्ज की जाएगी। परिवार के मुखिया की जाति का विवरण भी लिया जाएगा।
इन 10 बिंदुओं पर जुटाई जाएगी जानकारी
जनगणना में 10 प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जाएगी, जिनमें पेयजल का स्रोत और उपलब्धता, बिजली/प्रकाश का स्रोत, शौचालय और उसकी स्थिति, गंदे पानी की निकासी व्यवस्था, स्नानघर और रसोई की उपलब्धता, खाना पकाने का साधन (LPG/PNG), परिवार के भोजन का मुख्य अनाज ऑनलाइन स्वगणना होगी। स्वगणना प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। लोग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी और परिवार की जानकारी जैसे नाम, उम्र, लिंग, शिक्षा और निवास स्थान दर्ज कर सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इससे त्रुटियां कम होंगी। वहीं, बाद में फील्ड अधिकारी मकान सूचीकरण के दौरान इन जानकारियों का सत्यापन करेंगे। इसके लिए 24 मार्च से जिला स्तर पर अधिकारियों का प्रशिक्षण भी शुरू किया जाएगा।