Bihar Politics: चिराग पासवान ने पिता का नाम लेकर मुसलमानों को दिया बड़ा भरोसा, वक्फ संशोधन बिल पर गरमाई सियासत
Bihar Politics: चिराग पासवान ने वक्फ बोर्ड को लेकर विपक्ष पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने अपने पिता का नाम लेकर मुसलमान को बड़ा भरोसा दिया।

Bihar Politics: केंद्र सरकार द्वारा वक्फ संशोधन बिल को संसद के दोनों सदनों से पारित किए जाने के बाद देशभर में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बिल को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। बिहार में विपक्ष के द्वारा बीजेपी के साथ साथ एनडीए के कुछ सहयोगी पार्टियों पर भी निशाना साधा जा रहा है। इस बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने विपक्ष पर करारा हमला बोला है।
केंद्र के अहम कानून पर विपक्ष करता है हंगामा
दरअसल, दिल्ली से पटना लौटते ही चिराग ने कहा कि जब-जब मोदी सरकार ने कोई अहम कानून लाया है तब तब विपक्ष ने बेवजह हंगामा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल लगातार जनता को भ्रमित करने और खासकर अल्पसंख्यक समुदाय को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। चिराग पासवान ने कहा, "याद कीजिए, जब नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लाया गया था तब भी विपक्ष ने अल्पसंख्यकों को भड़काने की कोशिश की थी। लेकिन समय के साथ सच्चाई सामने आई और लोगों ने कानून को समझा। यही हाल वक्फ संशोधन बिल का भी होगा।"
मुस्लिम समुदाय के साथ नहीं हो रहा अन्याय
उन्होंने आगे कहा, "एनडीए सरकार के पिछले 11 वर्षों में मुस्लिम समुदाय के साथ कोई अन्याय नहीं हुआ है। बल्कि उनकी भलाई के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की गईं और उन्हें लाभ भी मिला है।" बिल को लेकर पार्टी के भीतर उठ रही असहमति पर चिराग ने कहा, "जो लोग नाराज हैं, उनकी भावनाओं का हम सम्मान करते हैं। यही नाराजगी उस समय भी सामने आई थी जब 2014 में हमारे पिता रामविलास पासवान ने यूपीए छोड़ एनडीए का साथ दिया था। लेकिन हमारे पिता ने 2005 में मुस्लिम समाज के नेता को मुख्यमंत्री बनाने की वकालत की थी तब भी उन्हें आलोचना झेलनी पड़ी थी। हम उन्हीं की सोच और सिद्धांतों को आगे बढ़ा रहे हैं।"
चिराग का मुसलमानों को संदेश
चिराग पासवान ने कहा कि, "मैं मुसलमान समाज के हर एक व्यक्ति से कहना चाहता हूं कि आपकी नाराजगी मेरे सर आंखों पर, लेकिन हकीकत है कि मेरे नेता(राम विलास पासवान) ने भी हमेशा समर्पण भाव से सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने का काम किया था। मेरी रगो में भी उन्हीं का खून है, उन्हीं के संस्कार हैं। मैं भी उनकी उस सोच को उतनी ही ईमानदारी से आगे लेकर चलने का काम करूंगा। वक्त बताएगा कि चिराग पासवान के द्वारा लिए गए फैसले आपके हक में थे या नहीं थे। चिराग पासवान का समर्पण ना केवल अल्पसंख्यक वर्ग के लिए है बल्कि उसे बड़ा समर्पण मेरा मेरे पिता के विचारों के प्रति है।"
पटना से अभिजीत की रिपोर्ट