Bihar Politics: JDU में अनंत-नीरज की तकरार से घमासान,ललन का मतभेद से इनकार, संजय झा बोले- जल्द सुलझेगा मामला
Bihar Politics: बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड में विधायक अनंत सिंह और विधान पार्षद नीरज कुमार के बीच खुला टकराव सामने आ गया है। ...
Bihar Politics: बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड में विधायक अनंत सिंह और विधान पार्षद नीरज कुमार के बीच खुला टकराव सामने आ गया है। दोनों नेताओं की बयानबाजी के बीच पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी दौरान पटना में हुए जदयू के विधायकों-विधान पार्षदों के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता ललन सिंह की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी। हालांकि ललन सिंह ने बाद में पार्टी में किसी तरह के मतभेद से इनकार किया।
मोकामा विधायक अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर खुलकर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनके कारण उन्हें पहले जदयू छोड़नी पड़ी थी। अनंत सिंह के मुताबिक, उन्हें नीतीश कुमार से कोई परेशानी नहीं थी। उन्होंने नीरज कुमार को आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर खुली चुनौती भी दी और जीत-हार पर 20 करोड़ रुपये की बाजी लगाने की बात कही।
विवाद बढ़ने के बाद नीरज कुमार ने भी पलटवार किया। उन्होंने बिना नाम लिए अनंत सिंह पर गंभीर आरोप लगाए और उनके साथ आपराधिक मामलों से जुड़े लोगों के रहने का दावा किया। नीरज कुमार ने कहा कि उनके पास इससे संबंधित विवरण मौजूद हैं। दोनों नेताओं के बीच जारी बयानबाजी ने पार्टी के अंदरूनी समीकरण को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है।
इस पूरे प्रकरण के बीच जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि पार्टी में किसी तरह का मतभेद नहीं है और अनंत सिंह तथा नीरज कुमार के बीच विवाद को पार्टी के वरिष्ठ नेता देख रहे हैं। संजय झा के मुताबिक, मामले का जल्द समाधान निकाल लिया जाएगा।
ललन सिंह की गैरमौजूदगी को लेकर उठी अटकलों को भी संजय झा ने खारिज किया। वहीं, ललन सिंह ने खुद कहा कि जदयू में सब ठीक है और पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र तथा नेताओं के बीच बेहतर समन्वय है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की वजह पूर्व निर्धारित गुजरात दौरे को बताया।ललन सिंह ने अनंत सिंह और नीरज कुमार के विवाद पर टिप्पणी करने से इनकार किया। वहीं, जदयू नेतृत्व की ओर से यह संकेत दिया गया है कि दोनों नेताओं के बीच पैदा हुए मतभेद को पार्टी स्तर पर सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
विधान परिषद चुनाव के मद्देनजर अनंत सिंह का अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मैदान में उतरना इस घटनाक्रम का अहम पहलू है। पार्टी नेतृत्व के सामने अब दोनों नेताओं की सार्वजनिक बयानबाजी पर विराम लगाने और चुनावी तैयारियों के बीच संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने की चुनौती है। फिलहाल संजय झा के हस्तक्षेप के बाद सबकी नजर पार्टी के अगले कदम पर है।