Political News: खड़गे के खिलाफ पटना कोर्ट में परिवाद, पीएम मोदी के पिता पर टिप्पणी से मचा बवाल
Political News: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित विवादित टिप्पणी को लेकर बिहार की राजधानी पटना में कानूनी कार्रवाई की पहल की गई है।...
Political News: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित विवादित टिप्पणी को लेकर बिहार की राजधानी पटना में कानूनी कार्रवाई की पहल की गई है। पटना सिविल कोर्ट में खड़गे के खिलाफ परिवाद दायर किया गया है। पटना सिविल कोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने यह कदम उठाते हुए आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पिता को लेकर की गई कथित टिप्पणी से उन्हें गहरी ठेस पहुंची है। मामले में 29 अक्टूबर को सुनवाई होने की बात कही गई है। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में भी बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
बापू सभागार में दिए गए कथित बयान पर विवाद
परिवादी अधिवक्ता धीरज कुमार के मुताबिक, 25 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के संबंध में कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। परिवादी का आरोप है कि सार्वजनिक मंच से की गई इस टिप्पणी से उनकी भावनाएं आहत हुईं।
धीरज कुमार का कहना है कि उन्होंने सोशल मीडिया और विभिन्न न्यूज चैनलों के माध्यम से कथित बयान को देखा और सुना। इसके बाद उन्होंने मामले को अदालत के समक्ष उठाने का फैसला किया। हालांकि, कथित टिप्पणी के संबंध में लगाए गए आरोपों और उनके कानूनी औचित्य पर अंतिम निर्णय अदालत को करना है।
28 अक्टूबर को दायर किया गया परिवाद
अधिवक्ता धीरज कुमार के अनुसार, उन्होंने 28 अक्टूबर को पटना सिविल कोर्ट में परिवाद दाखिल किया। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण पदों पर बैठे नेताओं को अपने बयानों में मर्यादा और जिम्मेदारी का ध्यान रखना चाहिए।अब इस मामले में अदालत की सुनवाई पर नजरें टिकी हैं। सुनवाई के दौरान परिवाद में लगाए गए आरोपों और संबंधित कानूनी पहलुओं पर विचार किया जा सकता है। फिलहाल, केवल परिवाद दायर होने के आधार पर किसी आरोप को साबित हुआ नहीं माना जा सकता।
वोट चोरी और इस्तीफे की मांग के बीच बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे वोट चोरी के मुद्दे को उठा रहे थे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इसी दौरान सभागार में मौजूद एक व्यक्ति ने उनकी बात का विरोध करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं।आरोप है कि इस विरोध के जवाब में खरगे ने प्रधानमंत्री के पिता को लेकर विवादित टिप्पणी की। इसके बाद बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई।
अदालत की सुनवाई पर टिकी नजरें
इस पूरे मामले में अब 29 अक्टूबर को प्रस्तावित सुनवाई अहम मानी जा रही है। परिवादी ने कथित टिप्पणी से आहत होने का हवाला देते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। वहीं, मामले के आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि अदालत परिवाद पर क्या रुख अपनाती है और कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।फिलहाल, मामला आरोपों और परिवाद के स्तर पर है। अदालत की सुनवाई तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।