CM सम्राट की गैरहाजिरी पर कांग्रेस हमलावर, बोली- “प्रायश्चित करना पड़ेगा”- “घोर पाप किया”
राजेश राठौड़ ने कहा, “कांग्रेसी पिता के पुत्र होने के बावजूद मुख्यमंत्री का राजकीय समारोह में नहीं पहुंचना घोर और घिनौना पाप है। उन्हें इसका प्रायश्चित करना पड़ेगा, अन्यथा जनता आने वाले समय में जवाब देगी।
Bihar News : पंडित जवाहरलाल नेहरू की 62वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को आयोजित राजकीय समारोह इस बार राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रहा। राजधानी पटना में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अनुपस्थिति को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने इसे परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है।
कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर हर वर्ष राजकीय समारोह आयोजित होता रहा है और यह परंपरा रही है कि राज्य के मुख्यमंत्री इसमें शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का समारोह में शामिल नहीं होना बेहद आश्चर्यजनक है।
राजेश राठौड़ ने कहा, “कांग्रेसी पिता के पुत्र होने के बावजूद मुख्यमंत्री का राजकीय समारोह में नहीं पहुंचना घोर और घिनौना पाप है। उन्हें इसका प्रायश्चित करना पड़ेगा, अन्यथा जनता आने वाले समय में जवाब देगी।” दरअसल, सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी की सियासी पारी कांग्रेस से शुरू हुई थी, बाद में वे कई दलों में गए।
राजधानी में आयोजित इस आधिकारिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सत्ता पक्ष कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने पंडित नेहरू को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ मंत्री श्रवण कुमार, शीला मंडल, संजय पासवान और विधायक शायक रजक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
हालांकि समारोह में औपचारिक श्रद्धांजलि और पुष्पांजलि का कार्यक्रम संपन्न हुआ, लेकिन राजनीतिक हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री और राज्यपाल की गैरमौजूदगी को लेकर रही। मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
अभिजीत की रिपोर्ट