Bihar EOU Raid: बिहार के 'अय्याश इंजीनियर' ने गर्लफ्रेंड के लिए बनवाया बंगला! काली कमाई से खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य, संपत्ति देख अधिकारियों के भी उड़े होश

Bihar EOU Raid: इंजीनियर की अकूत संपत्ति का खुलासा होने के बाद हड़कंप मच गया है। मधुबनी जिले के जयनगर में तैनात विद्युत कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक ने महज 17 साल की सेवा में करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित कर ली।

बिहार का धनकुबेर इंजीनियर
अय्याश इंजीनियर की काली कमाई! - फोटो : AI Image

Bihar EOU Raid: बिहार में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं...इसका ताजा उदाहरण एक 'धनकुबेर' इंजीनियर के रूप में सामने आया है। बिजली विभाग में तैनात इस अधिकारी ने आय से अधिक संपत्ति का ऐसा साम्राज्य खड़ा किया है कि जांच एजेंसियां भी दंग रह गई हैं। महज 17 सालों की नौकरी में इस इंजीनियर ने न केवल दार्जीलिंग की खूबसूरत वादियों में चाय के बागान खरीदे, बल्कि अपनी एक महिला मित्र के लिए पड़ोसी देश नेपाल में एक आलीशान बंगला भी बनवाया। विजिलेंस की छापेमारी में जैसे-जैसे पन्ने खुल रहे हैं, इस इंजीनियर की अय्याशी और काली कमाई के नए-नए ठिकाने सामने आ रहे हैं। 

विद्युत कार्यपालक अभियंता की करोड़ों की काली कमाई 

दरअसल, मधुबनी जिले के जयनगर में तैनात विद्युत कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार रजक ने महज 17 साल की सेवा में करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित कर ली। इस बात का खुलासा आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की छापेमारी में हुआ। मंगलवार को ईओयू की टीम ने अभियंता के सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच अधिकारियों के अनुसार, बरामद दस्तावेजों के सत्यापन के बाद संपत्ति का वास्तविक आंकड़ा और बढ़ सकता है।

बिहार से नेपाल और बंगाल तक फैला नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि मनोज रजक की संपत्ति बिहार के कई जिलों के अलावा पश्चिम बंगाल और नेपाल तक फैली हुई है। सिलीगुड़ी, दरभंगा, सुपौल के करजाईन और अररिया में करीब 3 करोड़ रुपये के 17 भूखंडों के दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा उनके भाई संजय रजक के नाम पर सुपौल में गैस एजेंसी चलाने और पत्नी वीणा श्री के नाम पर दरभंगा-बिरौल रोड पर पेट्रोल पंप के लिए जमीन लीज पर लेने के कागजात भी मिले हैं।

आय से 62% अधिक संपत्ति

ईओयू ने अभियंता के खिलाफ आय से 62.66 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक, 17 साल की नौकरी में उनकी कुल वैध आय करीब 1.90 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि खर्च 1.45 करोड़ रुपये बताया गया है। दरभंगा, जयनगर और सुपौल के निर्मली व करजाईन स्थित आवास, कार्यालय और अन्य ठिकानों पर हुई छापेमारी में 1.05 लाख रुपये नकद और बैंक खातों में 4.25 लाख रुपये मिले हैं। इसके अलावा 18 लाख रुपये कीमत के दो वाहन स्कॉर्पियो और डिजायर का भी पता चला है।

दार्जिलिंग में चाय बगान, नेपाल में महिला मित्र के लिए मकान

जांच में यह भी सामने आया है कि अभियंता की दार्जिलिंग में साझेदारी में चाय बगान है। वहीं, उनके भाई संजय रजक के नाम पर सुपौल में एचपी गैस ग्रामीण वितरक एजेंसी संचालित की जा रही है। इस मामले में संजय को भी सह-अभियुक्त बनाया गया है। ईओयू को यह भी जानकारी मिली है कि अभियंता ने नेपाल के सुनसरी जिले में अपनी एक महिला मित्र के लिए मकान बनवाया है। बताया जा रहा है कि इसके निर्माण के लिए मजदूर उनके पैतृक गांव से भेजे गए थे। इस जानकारी का सत्यापन भी किया जा रहा है। फिलहाल ईओयू की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।