Death Certificates: बिहार में अब 24 घंटे में मिलेगा मृत्यु प्रमाणपत्र ! पंचायती राज मंत्री का ऐलान, जानिए कैसे करें आवेदन
Death Certificates: बिहार के किसी भी जिले में मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए हफ्तों का इंतजार नहीं करना होगा। नई व्यवस्था के तहत आवेदन के महज 24 घंटे के भीतर यह प्रमाण पत्र डिजिटल या भौतिक रूप से जारी कर दिया जाएगा।
Death Certificates: बिहार में अब मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए बार बार दफ्तरों का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा।। राज्य में अब 24 घंटे के अंदर मृत्यु प्रमाणपत्र मिल जाएगा। दरअसल, प्रदेश की पंचायतों में मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने की दिशा में यह कदम उठाया जा रहा है।
24 घंटे में बनेगा मृत्यु प्रमाणपत्र
जानकारी अनुसार पंचायती राज विभाग की योजना के तहत मृतक का मृत्यु प्रमाणपत्र 24 घंटे के अंदर परिजनों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत एक विशेष मोबाइल एप विकसित किया जाएगा, जिससे प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो जाएगी। पंचायत सचिव के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रमाणपत्र हर हाल में उपलब्ध कराया जाए।
वार्ड सदस्यों को दी जाएगी जिम्मेदारी
नई व्यवस्था में वार्ड सदस्यों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी। पंचायतों के आसपास स्थित श्मशान और कब्रिस्तान क्षेत्रों के वार्ड सदस्यों को मृतक की पहचान सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा जाएगा। इसके बदले उन्हें प्रति माह 2 हजार रुपये मानदेय देने का प्रस्ताव है। साथ ही प्रत्येक मामले में पहचान और जानकारी उपलब्ध कराने तथा सफाई व्यवस्था के लिए अतिरिक्त 100 रुपये देने की भी योजना है। यदि किसी वार्ड सदस्य की अनुपस्थिति होती है, तो अन्य कर्मियों को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
दलालों और बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति
विभाग का दावा है कि इस नई प्रणाली से आम लोगों को दलालों और बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी। वर्तमान में पंचायतों में मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने में करीब 21 दिन का समय लगता है, जिसे घटाकर 24 घंटे करने की तैयारी है। इसके साथ ही पंचायती राज विभाग राज्य के श्मशान घाटों को “मोक्षधाम” के रूप में विकसित करने की भी योजना बना रहा है। प्रत्येक श्मशान घाट के विकास पर करीब 19 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यहां शेड, पेयजल और अन्य जरूरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नई व्यवस्था के तहत तैयार किए जाने वाले एप पर मृत्यु से संबंधित पूरी जानकारी स्थायी रूप से दर्ज रहेगी। पंचायत सरकार भवन में कंप्यूटरीकृत तरीके से प्रमाणपत्र तैयार कर उसे एप पर अपलोड किया जाएगा, जिससे लोगों को आसानी से डिजिटल माध्यम से भी प्रमाणपत्र मिल सकेगा।